आजमगढ़। मंडलायुक्त सभागार में बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त मनीष चौहान ने मंडल में एक करोड़ से अधिक की लागत के निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा कर निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित रहने पर एडी बेसिक का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें और जहां भी कार्य में शिथिलता मिले शासन को अवगत कराएं। उन्होंने संस्थावार समीक्षा में विलंबित परियोजनाओं को रेखांकित किया। परियोजना प्रबंधक, यूपीपीसीएल को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं की धनराशि वापस हो चुकी है उसे तत्काल पोर्टल से हटाएं।
कहा कि कई परियोजनाएं हैंडओवर हो चुकी हैं, लेकिन उसकी फीडिंग नहीं होने से लंबित परियोजनाओं की सूची में शामिल हैं। जिससे मंडल की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। इसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
यूपीपीसीएल के स्तर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महराजगंज, रसड़ा एवं ठेकमा में बालिका छात्रावास के निर्माण के जांच रिपोर्ट के संबंध में स्थिति स्पष्ट कराने के लिए एडी बेसिक बिना सूचना अनुपस्थित मिले। इस पर उनका एक दिन का वेतन काटने के साथ स्पष्टीकरण मांगा।
मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था उप्र पर्यटन राज्य विकास निगम द्वारा आजमगढ़, मऊ एवं बलिया में कराए जा रहे कार्यों के लिए अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष भौतिक प्रगति कम मिलने तथा कार्य में देरी पर नाराजगी जाहिर की। इस दौरान मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सीएंड डीएस, यूपी आरएनएन, मंडी समिति, यूपी आरएनएसएस, उप्र पुलिस आवास निगम लिमिटेड आदि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।