जिलाधिकारी सुहास एलवाई द्वारा बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मुख्यमंत्री की घोषणा से संबंधित विकास कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को विकास कार्यों में तेजी लाते हुए मानक के अनुसार समय से पूरा करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी द्वारा मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, महुलागढ़वल बांध, चिउटीडांढ़ बांध का निर्माण, नहरों की सील्ट सफाई, कुलाबों का निर्माण, राजकीय नलकूपों की स्थापना, विद्युत सब स्टेशनों की स्थापना, आधुनिक दुग्ध केंद्र लेदौरा, नंदांव में राजकीय बालिका इंटर कालेज का निर्माण, ग्राम हरदो वन विहार, प्रेस क्लब का निर्माण, कृषि विश्वविद्यालय कोटवा की प्रगति, हरि औध कला भवन निर्माण आदि विकास कार्यो पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने महुलागढ़वल और चिउटीडांढ़ बांध निर्माण के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ आने के पहले सभी कार्यों को पूरा कर लें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यदि बाढ़ से पहले कार्य पूरे नहीं होगे तो कार्रवाई तय है। नहरों की सिल्ट सफाई के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नहरों के सिल्ट की मिट्टी को सड़कों पर फेंक दिया गया है। बरसात के पहले मिटटी को हटाया जाए नहीं तो यही मिटटी फिर नहरों में चली जाएगी। ग्राम हरदो वन विहार की समीक्षा में डीएफओ ने बताया कि पौधरोपण का कार्य पूरा हो चुका है। तालाबों के सुंदरीकरण के कार्य अभी शुरू नहीं हो पाए हैं। जिलाधिकारी ने सुंदरीकरण का कार्य जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया। डीएम ने निर्माण इकाइओं को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए जल्दी से जल्दी कार्यों को पूरा करें। जो भी निर्माण कार्य हो पूरी पारदर्शिता के साथ मानक के अनुरूप होना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा, अर्थ एवं संख्या अधिकारी डा. अर्चना सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी एके गुप्ता, संजय गोरे, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बीके सिंह समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित थे।