पति की प्रताड़ना की शिकार होकर उपचार के नाम पर ठगी गई महिला पार्वती की मदद को शिब्ली कालेज के छात्रनेताओं ने कदम बढ़ाया। छात्रों का एक दल बुधवार को पार्वती के इलाज में लिए गए धन को वापस कराने के लिए जहां अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, वहीं छात्रों का एक गुट अस्पताल के सामने नारेबाजी करते हुए चिकित्सक का पुतला फूंकने का प्रयास किया।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के नरफोरा गांव में घायल पार्वती के इलाज का लक्षिरामपुर स्थित एक अस्पताल के चिकित्सक ने नि:शुल्क इलाज का दावा किया था। मीडिया को इसकी जानकारी देने के दो दिन बाद ही अस्पताल प्रशासन द्वारा उक्त महिला को अस्पताल से निकाल दिया गया।
महिला के परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही उक्त अस्पताल के नि:शुल्क दावे को गलत बताते हुए 92 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। यह खबर अमर उजाला में 20 जनवरी के अंक में ‘नि:शुल्क इलाज के दावे की खुली कलई’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी।
बुधवार को शिब्ली नेशनल पीजी कालेज के छात्रनेता अस्पताल पहुंचे और नारेबाजी करते हुए चिकित्सक का पुतला दहन करने का प्रयास किया। छात्रनेताओं ने कहा कि अगर जल्द से जल्द पीड़िता पार्वती का पैसा वापस नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।