2008 से उसका परिवार से कोई संपर्क नहीं
परिजनों ने कहा कि शादाब पढ़ाई में होनहार था और वे नहीं समझ पा रहे कि किन परिस्थितियों में वह आतंकी गतिविधियों में शामिल हुआ। पिता एहतेशाम बेग, जो दुबई में नौकरी करते थे, बेटे का नाम आतंकी घटनाओं में आने के बाद मानसिक रूप से टूट गए और वापस आजमगढ़ आकर रहने लगे। यूनिवर्सिटी और आतंकी नेटवर्क के पुराने तार सामने आने के बाद दिल्ली और केंद्रीय एजेंसियों ने जांच और तेज कर दी है।