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UP: आजमगढ़ की सात सड़कें 'खतरनाक' घोषित, सफर करने से पहले जान लें इनके नाम; क्रिटिकल कॉरिडोर की खास बातें

Thu, 20 Nov 2025 06:05 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

यूपी के आजमगढ़ में सड़क सुरक्षा और हादसों के प्रति जागरूकता को लेकर लगातार काम किए जा रहे हैं। इसे शून्य मृत्यु दर वाला जिला घोषित कर दिया गया है। यहां सात मार्ग ऐसे हैं जहां, ज्यादा हादसे होते हैं। इन पर अब क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को लगाया जाएगा।
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आजमगढ़ हाइवे। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Azamgarh News: आजमगढ़ को जीरो फेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (शून्य मृत्यु दर वाला जिला) के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके तहत जिले की सात प्रमुख सड़कों को क्रिटिकल कॉरिडोर (खतरनाक मार्ग) घोषित किया गया है, जहां सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को न्यूनतम करना लक्ष्य है। इन मार्गों में आजमगढ़–दोहरीघाट, आजमगढ़–वाराणसी, आजमगढ़–जौनपुर राजमार्ग तथा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रमुख रूप से शामिल हैं।

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इन मार्गों पर प्रभावी निगरानी के लिए कुल 24 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों (सीसी टीम) का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में 1 उपनिरीक्षक और चार मुख्य आरक्षी/ आरक्षी शामिल हैं, जो 15 संबद्ध थानों के क्रिटिकल पॉइंट्स पर सक्रिय रहेंगे।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी की ओर से पुलिस लाइन सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 24 उपनिरीक्षक व 24 आरक्षियों को दुर्घटना रोकथाम और प्रवर्तन कार्यों से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

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क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों की होंगी ये प्रमुख जिम्मेदारियां
  • एआरओ को दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेषकर शाम के समय गहन चेकिंग करना होगा।
  • क्रिटिकल कॉरिडोर क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं के अभियोगों की विवेचना की जाएगी।
  • प्रवर्तन कार्यवाही रात में भारी वाहनों की आकस्मिक चेकिंग, चालक पर नींद या थकान के प्रभाव की जांच।
  • टी-पॉइंट, वाई-पॉइंट और चौराहों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकना।
  • सड़क किनारे खड़े खराब/बाधक वाहनों को तत्काल हटवाना।
  • बॉडीवॉर्न कैमरा, सेफ्टी टॉर्च, पीए सिस्टम, इंटरसेप्टर, कोन आदि उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करना।
  • ढाबों, होटलों, मैरिज हाल, पेट्रोल पंपों के सामने अवैध पार्किंग रोकना और यह सुनिश्चित करना कि पार्किंग से मुख्य मार्ग अवरुद्ध न हो।
  • क्रिटिकल कॉरिडोर पर होने वाली दुर्घटनाओं की विवेचना उस कॉरिडोर पर नियुक्त उपनिरीक्षक द्वारा ही की जाएगी, ताकि त्वरित एवं सटीक जांच सुनिश्चित हो सके।
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