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भारत को पाक, सउदी बनाने का प्रयास

Sat, 14 Nov 2015 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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नेहरू हाल में शुक्रवार को प्रतिरोध का सिनेमा: चौथा फिल्मोत्सव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेखक, पत्रकार और विचारक सुभाष गाताडे ने कहा कि इस समय समाज को पीछे ले जाने वाली ताकतें हर तरह से हमलावर हैं। हिंदुत्ववादी ताकतें भारत को सउदी अरब और पाकिस्तान बनाने पर आमादा हैं।
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गाताडे ने कहा कि सउदी अरब और पाकिस्तान में ईशनिंदा का नाम लेकर हत्याएं हो रही है और भारत में गाय का नाम लेकर हत्याएं की जा रही हैं। आज तेजी से धर्म और राजनीति को मिलाया जा रहा है और स्वतंत्र चिंतन को नष्ट कर दिए जाने की भी योजना चल रही है।

समकालीन जनमत के संपादक केके पांडेय ने कहा कि विदेशों में गांधी का नाम लेने वाले देश में गांधी के विचारों की हत्या करने वालों को शह दे रहे हैं। इस अवसर पर फिल्मोत्सव की स्मारिका और कवि वीरेन डंगवाल के पहले कविता संग्रह इसी दुनिया में के पुनर्मुद्रित संस्करण का विमोचन किया गया। फिल्मोत्सव का आगाज प्रतिरोध के संगीत से हुआ। इसमें तीन म्यूजिक विडियो हिटलर केे साथी, चल चलिए और गांव छोड़ब नाहीं दिखाई गई।
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इसके बाद कवि वीरेन डंगवाल पर बनी फिल्म मैंने चुना अलग रास्ता दिखाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अजय कुमार ने फिल्म का परिचय दिया। फिल्म के निर्देशक संजय जोशी ने दर्शकों से फिल्म पर बातचीत की। अंतिम फिल्म के रूप में भोजपुरी फिल्म नया पता दिखाई गई। कार्य का संचालन संयोजक डा. विनय सिंह यादव ने किया। इस मौके पर बद्रीनाथ, संजय जोशी, विजय बहादुर राय, सह संयोजक दुर्गा सिंह आदि उपस्थित रहे।

फिल्मोत्सव में आज : नेहरु हाल में चल रहे चौथे आजमगढ़ फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन शनिवार को सुबह दस बजे से दोपहर सवा 12 बजे तक सत्ता और षड्यंत्रकारी राजनीति के दुश्चक्रों का पर्दाफाश करती दस्तावेजी फिल्म 'मुज्जफरनगर बाकी है' दिखाई जाएगी। दोपहर एक बजे से दो बजे तक बच्चों की दुनिया में हमारे पास एक कहानी है : बच्चों के लिए कहानी लेखन का वर्कशाप आयोजित किया जाएगा।

इसके बाद बच्चों की फिल्म छुटकन की महाभारत दिखाई जाएगी। साढ़े तीन बजे से पुणे के सफाई कामगारों पर फिल्म कचरा व्यूह का प्रदर्शन होगा। शाम साढ़े चार बजे से शंकर गुहा नियोगी की फिल्म पहली आवाज के प्रदर्शन के बाद दर्शकों से बातचीत का कार्यक्रम होगा। सवा सात बजे से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा।

प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकों के लगे स्टाल : नेहरू हाल में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिरोध का सिनेमा: चौथा आजमगढ़ फिल्मोत्सव के अवसर पर प्रसिद्ध लेखकों की किताबों के स्टाल लगाए गए हैं। इन स्टालों पर वीरेंद्र डंगवाल की किताब ‘इसी दुनिया में’, मृत्युंजय की ‘स्याह हासिया’, विपिन कुमार शर्मा की ‘बहेलिया’, रामजी राय की ‘जमाने का चेहरा’, यूआर अनंतमूर्ति की ‘किस प्रकार की है भारतीयता’, असगर वजाहत की ‘मैं हिंदू हूं’, अरुंधति राय की ‘द गाड आफ स्माल थिंग्स’, यादगारे फिराक और कैफी आजमी की किताबें बिक रही थीं।
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