लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से गुजरने वाली घाघरा नदी ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी के बढ़ते जलस्तर से देवारा वासियों की मुसीबतें बढ़ गई है। उन्हें शौच के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। विगत 24 घंटे में नदी का जलस्तर दोनों गेजों पर 37 सेमी बढ़ा है।
शुक्रवार की शाम बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.90 मीटर दर्ज किया गया था जो शनिवार की शाम 37 सेमी बढ़कर 72.27 मीटर हो गया है। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 59 सेमी अधिक है। वहीं डिघिया नाले पर शुक्रवार को नदी का जलस्तर 71.06 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार को 37 सेमी बढ़कर 71.43 मीटर हो गया है। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 103 सेमी अधिक है। बनबसा व शारदा बैराज से 3.50 लाख क्यूसेक पानी घाघरा नदी में छोड़े जाने से हालात और खराब हो रहे हैं। हरैया ब्लॉक के करीब 13 और महराजगंज ब्लॉक के करीब 15 गांवों में घाघरा नदी का पानी भर गया है। जिससे घरों में दवा व राहत तक नहीं पहुंच पा रही है। घाघरा नदी के दक्षिण ओर बसे चक्की, देवारा, बांका, बूढ़नपट्टी, देवारा इश्माइलपुर, मानिकपुर, सोनौरा, हैदराबाद सहित करीब 13 ग्राम सभा में जलभराव हो गया है। घरों में पानी भरा होने से ग्रामीणों का राशन भी भीग चुका है। खाना बनाने के लिए न घरों में राशन बचा है न ही स्थान। लोगों को शौच के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। महाराजगंज ब्लॉक के शिवपुर, कुढ़ही, उल्टहवा, सहदेवगंज आदि गांवों में बाढ़खंड ने चेतावनी जारी की है।
बाढ़ से 80 हजार आबादी और 15 हजार पशु प्रभावित
महुला गढ़वल बांध से घाघरा नदी के बीच में 75000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला 133000 की आबादी है। वहीं जलस्तर बढ़ने के बाद अब तक लगभग 80000 से अधिक आबादी प्रभावित हो रही है। लगभग 15000 पशु भी घाघरा नदी से प्रभावित हो रहे हैं । 5082 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल प्रभावित हुई है । तो वहीं 280 हेक्टेयर संपर्क मार्ग व अतिरिक्त भूमि प्रभावित हुई हैं। पशु चिकित्साधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि 35 कुंतल भूसा महाराजगंज ब्लॉक के कुढ़ही के पास गिराया गया है। और भूसा आ रहा है, लोग नाद खूंटा बंधे पर गाड़ रहे है। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले आने का काम कर रहे हैं ।
लेखपाल, प्रधान प्रतिनिधि और क्षेत्र पंचायत सदस्य भी बाढ़ में फंसे
शनिवार की दोपहर को देवारा खास राजा प्रधान प्रतिनिधि पल्टन यादव, लेखपाल पंकज कुमार, चक्की लेकपाल रामेश्वर सहित पांच से सात लोग देवारा खास राजा के लाला का पुरवा, चंडी का पुरवा, मुरारी के पुरवा जा रहे थे। बीच रास्ते में नाव खराब हो गई। वहीं लेखपाल सहित ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद यादव भी नाव खराब होने से बाढ़ में फंसे। सभी को किसी तरह से बचाकर बंधे पर लाया गया।
गांव में नहीं बंटी क्लोरीन की गोली
श्रीनिवास, रामानंद और समर सिंह ने बताया कि अभी तक गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं कराया गया है। ना ही लोगों में क्लोरिन की गोली बंटी है। जिसके कारण लोग प्रदूषित पानी पीने को विवश हैं। बाढ़ चौकियों और अस्पताल में एंटी रैबीज की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि बाढ़ का पानी घिरने के बाद विषैले पशु अब गांवों में पहुंच रहे हैं।
सगड़ी के चक्की में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से निकलते लोग।- फोटो : AZAMGARH