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Azamgarh News: मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश वाकिफ ढेर, 44 मुकदमे हैं दर्ज

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14 : रौनापार में मुठभेड़ के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर शव पहुंचने के बाद बाहर खड़ी भीड़। - संवाद
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आजमगढ़। रौनापार थाना क्षेत्र के जोकहरा पुल के पास शुक्रवार की अलसुबह एसटीएफ लखनऊ, स्वाट टीम और थाना सिधारी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार के इनामी बदमाश वाकिफ मुठभेड़ में ढेर हो गया। नियाउज गांव निवासी बदमाश वाकिफ पर लूट, चोरी, धोखाधड़ी व गो-तस्करी समेत 44 मुकदमे दर्ज थे।
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एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि सिधारी क्षेत्र में हुई छिनैती की घटना की जांच के दौरान स्वाट टीम व सिधारी पुलिस क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी बीच एसटीएफ को सूचना मिली कि कुछ बदमाश रौनापार थाना क्षेत्र की ओर भाग रहे हैं। सूचना पर तीनों टीमों ने जोकहरा पुल के पास घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हुआ, जबकि उसके तीन साथी मौके से भाग निकले। घायल बदमाश की पहचान वाकिब उर्फ वाकिफ के रूप में हुई। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। इस पर आजमगढ़ और अन्य जनपदों में चोरी, लूट, धोखाधड़ी, अवैध गो-तस्करी सहित 44 मुकदमे दर्ज हैं। मुठभेड़ स्थल से खोखे, कारतूस और अन्य आपराधिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस भागे हुए बदमाशों की तलाश में सघन ऑपरेशन चला रही है। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सामान्य है।
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वाकिफ पर उम्र से डेढ़ गुना ज्यादा मुकदमे हैं दर्ज

रौनापार थाना क्षेत्र के जोकहरा पुल के पास शुक्रवार की अलसुबह एसटीएफ, स्वाट टीम और सिधारी पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश वाकिफ उर्फ वाकिब मारा गया। 27 साल का वाकिफ मूल रूप से फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के नियाउज गांव का निवासी था। वाकिफ की जितनी उम्र थी उससे डेढ़ गुना ज्यादा उस पर मुकदमे दर्ज हैं। चार जनपद के 20 थानों में लूट, चोरी, धोखाधड़ी व गो-तस्करी समेत कुल 44 मुकदमे दर्ज हैं। वह पिछले कई वर्षों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना था। एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि वाकिफ ने 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा, जब उसके खिलाफ पहला मुकदमा फूलपुर थाने में पशु तस्करी के मामले में दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जल्द ही अपना अपराधी गिरोह तैयार कर लिया। 2020 में गोरखपुर पुलिस ने उसे पहली बार गैंगस्टर एक्ट में पाबंद किया था। अब तक वाकिफ के खिलाफ कुल 44 आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
उसका गिरोह पशु चोरी और गोवंश की अवैध तस्करी में सक्रिय था। गिरोह में अरशद, राकेश उर्फ राका, जावेद, मेराज, सुरेंद्र यादव, शहजादे उर्फ छेदी, मोहम्मद आकिल, हसीम उर्फ शेरू और शकील उर्फ भीमा जैसे कुख्यात अपराधी शामिल थे। पुलिस की ओर से जारी किए आंकड़ों को देखा जाए तो आजमगढ़ जनपद के 15 थानों में कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं। गोरखपुर जनपद के तीन थाना में कुल पांच मुकदमे और जौनपुर जनपद के एक थाने में एक व संतकबीर नगर जनपद के एक थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं।
नेपाल बॉर्डर के रास्ते गोवंश तस्करी का चलाता था नेटवर्क
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि वाकिफ नेपाल बॉर्डर के रास्ते गोवंश तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। दो वर्ष पूर्व 2023 में उसका नाम गोरखपुर के एक गो-तस्करी में सामने आया, जिसके बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। वाकिफ बेहद शातिर अपराधी था। वह मोबाइल नहीं चलाता था और गुप्त तरीके से गिरोह को संचालित करता था जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।

जनपद और थानेवार मुकदमे के आंकड़ों पर एक नजर
जनपद - थाना - मुकदमा
आजमगढ़ - फूलपुर - सात

आजमगढ़ - सरायमीर - एक
आजमगढ़ - अहरौला - दो

गोरखपुर - बेलाघाट - एक
गोरखपुर - खजनी - एक

गोरखपुर - सिकरीगंज - तीन
जौनपुर - खेतासराय - एक

संतकबीरनगर - धनघटा - पांच
आजमगढ़ - तहबरपुर - दो

आजमगढ़ - देवगांव - दो
आजमगढ़ - कोतवाली - एक

आजमगढ़ - मुबारकपुर - सात
आजमगढ़ - रौनापार - एक

आजमगढ़ - सिधारी - दो
आजमगढ़ - गंभीरपुर - एक

आजमगढ़- जीयनपुर - एक
आजमगढ़ - कंधरापुर - तीन

आजमगढ़ - महाराजगंज - एक
आजमगढ़ - निजामाबाद - एक

आजमगढ़ - तरवां - एक

14 : रौनापार में मुठभेड़ के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर शव पहुंचने के बाद बाहर खड़ी भीड़। - संवाद

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