आजमगढ़। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक नेहरू हाल में आयोजित हुई। बैठक में सदस्यों की स्वीकृति से लगभग 50 करोड़ के बजट को अनुमोदन किया गया। बैठक हंगामेदार रही। बैठक में कई विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे जिसे लेकर सदस्यों से हंगामा किया और अगली बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग की। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने सभी विभागों के अधिकारियों के मौजूद न रहने पर कड़ा एतराज जताते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। बैठक में सड़कों की जर्जर हालत, बिजली की अंधाधुंध कटौती, शिक्षा के स्तर, स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की कमी और लाइटों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। सदस्यों के कई सवालों का जवाब देने के लिए अधिकारी ही मौजूद नहीं थे। सदस्यों ने अगली बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग की।
जिला पंचायत सदस्य पप्पू कुमार यादव ने नामदारपुर में बने फीडर के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि जब इसका निर्माण हो रहा था तो कहा गया था कि इससे नामदारपुर को जोड़ा जाएगा लेकिन आज तक न तो नामदारपुर और ना ही हरिहरपुर को ही इस फीडर से जोड़ा गया है। उन्होंने गल्ला गांव के भी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस गांव में चार से पांच किमी दूर बद्दोपुर से बिजली आती है। इसे पालिटेक्निक से जोड़ा जाए। हरिहरपुर गांव में जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण है जिसे हटाने की मांग कई बार की गई लेकिन अभी तक उसे हटाया नहीं गया। उसे तत्काल हटाया जाए। इस दौरान लगभग 50 करोड़ के बजट को सदस्यों ने स्वीकृति प्रदान की। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विद्या शंकर पांडेय ने बताया कि बैठक में सदस्यों ने अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े किए और लगभग 50 करोड़ के बजट को अपनी स्वीकृति प्रदान की। अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस भेजकर उनसे जवाब मांगा जाएगा कि आखिर वह बैठक से अनुपस्थित क्यों रहे।