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Azamgarh News: गोला हाजीपुर में 24 घंटे में 10 बीघा कृषि भूमि नदी में समाई

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सगड़ी तहसील के सहबदिया में कटान करती नदी। संवाद
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के उत्तरी क्षेत्र में सरयू (घाघरा) नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण कटान ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। नदी की तेज धारा के चलते देवारा खास राजा, चक्की, सहबदिया और बरामदपुर गांव के सामने बड़े पैमाने पर कृषि भूमि नदी में समाहित हो रही है। पिछले 24 घंटे में करीब 10 बीघा से ज्यादा उपजाऊ जमीन नदी में समा गई, इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास भी फिलहाल कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं।
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सबसे अधिक कटान गोला हाजीपुर पुल के ठीक पूरब में हो रही है। यहां राजेश, सुभाष यादव सहित आधा दर्जन किसानों की लगभग 10 बीघा कृषि भूमि सरयू की धारा में समाहित हो चुकी है। वहीं, सहबदिया गांव के सामने गया सिंह पटेल के खेत के पास भी कटान लगातार जारी है। बरामदपुर गांव के सामने संतलाल, जयद्रथ, लाल बहादुर, जय बहादुर, मुनीम, सुखानू, योगेंद्र और चंद्रिका ने कहा कि कई किसानों के खेत नदी के कटाव की चपेट में हैं। लगातार हो रही कटान के कारण किसानों को अपनी बची हुई जमीन के भी नदी में समा जाने का डर सता रहा है। कटान पर नियंत्रण पाने के लिए बाढ़ खंड विभाग की ओर से परक्यूपाइन, बंबू क्रेट और गैब्रियन जैसी कटानरोधी व्यवस्थाएं कराई गई हैं। हालांकि, तेज बहाव के सामने ज्यादातर स्थानों पर ये उपाय बेअसर साबित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर बंबू क्रेट से कटान की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं हो पा रहा है। अवर अभियंता रामानंद ने बताया कि कटान प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त परक्यूपाइन, बंबू क्रेट और गैब्रियन लगाए जा रहे हैं। विभाग की टीम नजर बनाए हुए है और कटान रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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