आजमगढ़। शासन की ओर से तीन शस्त्र लाइसेंस धारकों के एक लाइसेंस को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। जो सरेंडर नहीं करेगा उसका एक लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। जनपद में लगभग 350 लोगों के पास तीन शस्त्र लाइसेंस हैं। आम जनमानस तो इसमें से एक लाइसेंस को सरेंडर कर रहा है। अभी तक तीन लाइसेंस धारक एक भी माननीय ने अपने लाइसेंस को जमा नहीं किया है।
जनपद में लाइसेंसधारियों की संख्या 17972 हो गई है। कुछ लोगों को शस्त्र रखने का इतना शौक है कि उन्होंने तीन-तीन शस्त्र लाइसेंस बनवा लिए हैं। जनपद में ऐसे लोगों की संख्या 350 है। जनपद में शायद ही माननीय होगा जिसके पास तीन शस्त्र लाइसेंस न हों। शस्त्रों के प्रदर्शन पर रोक लगाने और इसकी बढ़ती होड़ को देखते हुए सरकार ने तीन शस्त्रों का लाइसेंस रखने वाले लोगों के एक लाइसेंस को सरेंडर कराने का निर्देश दिया है। इसे 13 दिसंबर तक पूरा करना है। जनपद में 17972 लाइसेंसधारियों में 350 लोगों के पास तीन शस्त्रों के लाइसेंस हैं। इनमें से आम लोगों ने तो अपने एक लाइसेंस का सरेंडर करना शुरू कर चुके हैं। लेकिन जनपद के लगभग सभी माननीयों के पास तीन शस्त्रों के लाइसेंस हैं लेकिन अब तक इनमें से एक भी माननीय ने अब तक शस्त्र लाइसेंस को सरेंडर करने की शुरूआत भी नहीं की है।
सरकार की ओर से 13 दिसंबर तक एक लाइसेंस के सरेंडर का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान अगर किसी के पास राइफल, बंदूक और रिवाल्वर का लाइसेंस है तो वह अपनी मर्जी से इसमें से किसी एक लाइसेंस का सरेंडर कर सकता है। लेकिन 13 दिसंबर के बाद उसके किसी भी एक लाइसेंस को प्रशासन की ओर से निरस्त किया जा सकता है।
लाइसेंस को सरेंडर करने का कार्य शुरू हो चुका है। बहुत से लोग सरेंडर भी करा चुके हैं। अभी हम 13 दिसंबर तक इंतजार करेंगे। इस दौरान अगर लाइसेंसधारी चाहे तो खुद की मर्जी से लाइसेंस को सरेंडर कर सकता है। लेकिन इसके बाद हम उसके किसी एक लाइसेंस को निरस्त कर सकते हैं।
नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन और प्रभारी अधिकारी शस्त्र।