आंगनबाड़ी भवन सठियांव में नहीं हुआ विद्युत कनेक्शन। संवाद
आजमगढ़। प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत जिले के दो ब्लॉकों के गांवों में 4.96 करोड़ की लागत से 66 आंगनबाड़ी भवन बनने थे। पूरा बजट जारी होने के बाद भी कार्यदायी संस्था सिर्फ 37 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा कर पाई। यही नहीं, दस साल का समय बीत गया लेकिन अब तक दो ही आंगनबाड़ी भवन बाल विकास विभाग को हैंडओवर हो पाए हैं। योजना के तहत शासन की तरफ से साल 2016-17 में विकास खंड सठियांव में 29 और मिर्जापुर में 37 आंगनबाड़ी भवन बनाने की मंजूरी मिली। दिसंबर 2017 में प्रथम किस्त जारी होने के बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (यूपीआरएनएसएस) ने कार्य शुरू कराया। बनने के बाद अल्पसंख्यक विभाग के माध्यम से सभी आंगनबाड़ी भवनों को बाल विकास विभाग को हैंडओवर किया जाना था। शासन की ओर से पांच किस्तों में सभी स्वीकृत धनराशि जारी कर दी गई, लेकिन दस सालों में कार्यदायी संस्था 66 में से सिर्फ 37 आंगनबाड़ी भवन ही बनवा पाई। जबकि 19 अभी भी अधूरे पड़े हैं। यही नहीं तैयार भवनों में कार्यदायी संस्था विद्युत कनेक्शन भी नहीं करवाया और हैंडओवर के लिए अल्पसंख्यक विभाग को इंवेंट्री भेज दिया। अब विद्युत कनेक्शन न होने से आंगनबाड़ी भवनों के हैंडओवर की प्रक्रिया रुक गई है।
कब कितना मिला बजट
दिसंबर 2017 में 82.72 लाख
मई 2020 में 1.32 करोड़
जनवरी 2023 में 33.09 लाख
जुलाई 2023 में 99.24 लाख
नवंबर 2023 में 1.48 करोड़
दर्ज कराई जाएगी एफआईआर
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल ने बताया कि पहले 66 आंगनबाड़ी भवन बनाने थे, लेकिन अब 37 ही बनाने हैं। बाकी जो जिस स्थिति में हैं उसी स्थिति में बाल विकास विभाग को हैंडओवर किया जाना है। कार्यदायी संस्था 37 आंगनबाड़ी भवनों के पूर्ण होने की बात कह रही, लेकिन इसमें भी आठ अधूरे हैं। प्रमुख सचिव की समीक्षा के बाद डीएम साहब के निर्देश पर 10 जुलाई तक 37 भवनों को हैंडओवर करने का समय दिया गया है। हैंडओवर न होने पर कार्यदायी संस्था के एक्सईएन पर एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। अभी तक विद्युत कनेक्शन भी नहीं कराया गया है।
37 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसे हैंडओवर के लिए अल्पसंख्यक विभाग को इंवेंट्री भेज दी गई है। तैयार सभी आंगनबाड़ी भवनों में बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है। निगम ने सात का एस्टीमेट भेजा था, जिसका पैसा जमा कर दिया गया है। अब कनेक्शन देना बिजली निगम की जिम्मेदारी है। अन्य आंगनबाड़ी भवनों में बिजली कनेक्शन का एस्टीमेट अभी नहीं आया है।
- महेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता यूपीआरएनएसएस
सठियांव ब्लॉक के देवली खालसा और चकसिक्ठी का आंगनबाड़ी भवन पहले का हैंडओवर हुआ है। अन्य आंगनबाड़ी भवनों के हैंडओवर के इंवेंट्री आई थी लेकिन आगनबाड़ी भवनों में वायरिंग, विद्युत कनेक्शन नहीं हुए थे। इसलिए कार्यदायी संस्था को यह सब कार्य पूरा कराने के बाद हैंडओवर करने को कहा गया है।
- हेमंत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।