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खुद कराया अवैध निर्माण आखिरकार नगर पालिका ने गिरवाया

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रोडवेज क्षेत्र में अवैध तरीके से बनायें जा रहे दुकानों को गिरवाता प्रशासन। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। शहर के रोडवेज और ब्रह्मस्थान क्षेत्र में नगर पालिका आजमगढ़ की ओर से कराया जा रहा दुकानों अवैध निर्माण सोमवार को आखिरकार उसी को गिरवाना पड़ा। अमर उजाला की ओर से अवैध निर्माण को लेकर चलाई जा रही लगातार मुहिम को लेकर डीएम एनपी सिंह ने सख्ती दिखाई। डीएम के निर्देश पर पालिका ने जेसीबी से निर्माण गिरवाया वहीं डीएम की आखिरी चेतावनी के बाद पालिका के अधिशासी अधिकारी मंगलवार को प्रकरण की रिपोर्ट सौंपने की बात कह रहे हैं।
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नगरपालिका की ओर से रोडवेज तिराहा स्थित मंदिर की आड़ में अवैध रूप से आठ दुकानों का निर्माण कराना शुरू किया गया था। इसी के साथ ही ब्रह्मस्थान स्थित स्टेडिम के पास 20 दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित था। इस जमीन पर दुकान का निर्माण करा कर 25 से 30 लाख में आवंटन तक की चर्चाएं थी। निर्माण के लिए न तो प्राधिकरण से नक्शा पास कराया गया था और न ही बोर्ड आदि का कोई प्रस्ताव था। यहां तक कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था उसके मालिकाना हक को लेकर भी पेंच फंसा था। परिवहन निगम इसे अपना बता रहा था। स्थानीय लोग भी वहां दुकान बनाए जाने के विरोध में थे। इसके पीछे कारण अतिक्रमण के चलते जाम के झाम का लगना है। पूर्व डीएम सुहाल एलवाई ने उक्त जमीन से अवैध कब्जा हटवाया था और उक्त स्थान पर रास्ता बनाए जाने की योजना बनाई थी।
अमर उजाला ने इस गोरखधंधे को उजागर किया और इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। 13 फरवरी से लेकर 17 फरवरी तक के अंक में इस अवैध निर्माण को लेकर पालिका से प्रशासन तक को घेरा गया। खबर दर खबर नपा के खेल का खुलासा भी होता गया। ईओ जहां पहले बाउंड्री बनाए जाने की बात कहे तो वहीं दो दिन बाद थी दुकान बनाने की बात को स्वीकार कर ली। बोर्ड के प्रस्ताव व टेंडर के बाद ही काम शुरू कराने का दावा किया। बाद में पता चला कि न तो बार्ड की बैठक हुई थी और न ही प्रस्ताव था। इधर डीएम एनपी सिंह की सख्ती के बाद ईओ के सुर बदलने लगे। वो भी निर्माण को लेकर चेयरमैन पर पासा फेंकने लगे। वहीं चेयरमैन के बीमार होने के चलते परिवार के ही सदस्य ने दावा किया था। बोर्ड में प्रस्ताव पास कर निर्माण कराया जा रहा है। ये भी झूठ निकला। अमर उजाला की इस मुहीम का डीएम एनपी सिंह ने संज्ञान लिया और सोमवार को ईओ नगर पालिका को निर्माण को ढहवाने का फरमान सुना दिया। दोपहर दो बजे नपा की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी लगा कर अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया।
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मौके पर नहीं पहुंचे ईओ नगर पालिका
डीएम के फरमान के बाद अवैध निर्माण को ढहवा जरूर दिया गया लेकिन नपा के ईओ शुभनाथ प्रसाद इस कार्रवाई के दौरान मौके पर नहीं नजर आये। नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों की देख रेख में ही अवैध निर्माण को ढहवाने की कवायद की गई।
जुटी भीड़, हुई सराहना
अवैध निर्माण ढहवाये जाने के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई थी। अवैध निर्माण को ढहवाये जाने से लोग काफी खुश थे। स्थानीय लोग अमर उजाला के सार्थक पहल की सराहना कर रहे थे। लोगों का कहना था कि यदि अवैध निर्माण हो गया होता तो जाम का झाम लगता।
रास्ते को चौड़ा कराने की उठ रही मांग
स्थानीय लोगों की डिमांड है कि उक्त स्थान को पूर्व डीएम ने अतिक्रमण मुक्त कराया था। उस समय योजना बनी थी इस जमीन पर रास्ता बनेगा। ताकि रोडवेज बसों को आने-जाने में दिक्कत न हो और तिराहे पर जाम का झाम न लगे। ऐसे में जिला प्रशासन को चाहिए कि इस स्थान पर रास्ते का निर्माण करा दें, ताकि भविष्य में पुन: अवैैध निर्माण का प्रयास न हो।

रोडवेज पर निर्माणाधीन दुकानों के पास लगा शिलापट।- फोटो : AZAMGARH

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