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वाह! नगर पालिका की बोर्ड बैठक में उपस्थित था 'मृत' सभासद

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रोडवेज क्षेत्र में अवैध तरीके से बनायें जा रहे दुकानों को गिरवाता प्रशासन। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। रोडवेज पर नगर पालिक की ओर से अवैध रूप से कराए जा रहे दुकानों के निर्माण के मामले में अमर उजाला की मुहीम के बाद पालिका के कारनामों की पोल एक के बाद एक खुल रही है। पालिका के 25 नवंबर के जिस बोर्ड की बैठक में दुकानों से संबंधित प्रस्ताव पास होने के बात कही जा रही है उसमें मुकेरीगंज के मृत सभासद भी उपस्थित थे। ये हम नहीं कह रहे हैं पालिका का रिकार्ड इस बात का गवाह है। वास्तव में ये बोर्ड बैठक हुई ही नहीं थी। इसको फर्जी तरीके पालिका की कार्यवाही में शामिल किया गया था। इससे प्रकरण में चेयरमैन, ईओ के साथ कई की गर्दन फंस रही है।
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दुकान निर्माण के संबध में नगर पालिका ईओ शुभनाथ प्रसाद और पालिकाध्यक्ष के परिवार के ही प्रणव श्रीवास्तव की ओर से दावा किया गया था इस संबंध में 25 नवंबर को हुई बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद ही इसकी निविदा कराई गई थी। डीएम ने इस संबंध में दस्तावेज तलब किए तो ईओ के सुर बदल गए। वो अभिलेख देने से भागने लगे। अमर उजाला ने 25 नवबंर की बोर्ड बैठक की कार्यवृत्ति जुटाई तो उसमें पालिका के कई कारनामे दिखाई दिए। बोर्ड की बैठक में मुकेरीगंज के सभासद स्व. स्वामीनाथ को भी उपस्थित दिखाया गया था, जबकि उनका निधन 11 नवंबर को ही हो चुका है। नगर पालिका आजमगढ़ से ही उनका मृत्य प्रमाण-पत्र भी जारी है। जिस बैठ में मृत सभासद शामिल हो वो बैठक कैसी हुई होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
बयान से मुकरे ईओ...बोले नहीं हुई बैठक
आजमगढ़। डीएम की सख्ती और नाराजगी के बाद ईओ शुभनाथ प्रसाद के सुर भी बदल गए हैं। अब उन्होंने कहा कि नवंबर में बोर्ड की कोई बैठक नहीं हुई है। इसकी रिपोर्ट मंगलवार को जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। साथ ही दोषी लोगों की जानकारी भी दी जाएगी।
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विरोध में उतरे सभासद, की कार्रवाई की मांग
आजमगढ़। नगर पालिका के इस कारनामे में विरोध में अब सबासद भी उतर आए हैं। उन्होंने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा कि पांच अक्तूबर को हुई बोर्ड की बैठक में सिर्फ छह एजेंडे ही शामिल थे। इसमें दुकान निर्माण की बात तक नहीं थी। नवंबर में अवैध रूप से बैठक दिखा पिछली बैठक में एजेंडा नौ में इस प्रस्ताव को शामिल दिखा दिया। ये धनउगाही के उद्देश्य से किया गया है। सबासदों को इसकी कोई जानकारी नहीं है। प्रकरण की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। इस मौके पर मीरा विश्वकर्मा, राजकुमार, तैरिक फैसल, रीता देवी, आशा देवी, सलीम अहमद, निथुन निषाद, पुरुषोत्तम सिंह, शहजाद कुरैशी, अंजली सोनकर, परवेज आदि शामिल थे।
डर से नहीं उठाते आवाज
आजमगढ़। सभासदों से पूछा गया कि पालिका के इस अवैध कार्यों का व्विरोध क्यों नहीं करते तो उन्होंने बताया कि इस बात का डर और दबाव रहता है कि पालिकाध्यक्ष उनके क्षेत्र में कोई कार्य नहीं कराएंगी। इस कारण से वो आवाज नहीं उठा पाते हैं।
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