आजमगढ़। मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट का घंटों-घंटों तक इस्तेमाल लोगों की गर्दन पर भारी पड़ रही है। गलत मुद्रा में घंटों स्क्रीन देखने की आदत के कारण जिले में टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 350 मरीज आते हैं। इनमें से 120 मरीज ऐसे होते हैं, जो टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के कारण गर्दन में दर्द, अकड़न या उससे जुड़ी अन्य समस्याओं से पीड़ित रहते हैं।
उन्होंने बताया कि मोबाइल चलाते समय लगातार गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने से गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर सामान्य से कई गुना अधिक दबाव पड़ता है। यदि यह आदत लंबे समय तक बनी रहे तो दर्द स्थायी रूप ले सकता है। पहले इस तरह की समस्या अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब 15 से 40 साल के युवाओं में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मरीज शुरुआती दर्द को नजरअंदाज करते रहते हैं। बाद में समस्या गंभीर हो जाती है और फिजियोथेरेपी या लंबा उपचार कराना पड़ता है।