दशहरे के पर्व को लेकर नगर क्षेत्र में प्रतिमाओं की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है। साथ ही सड़कों के किनारे सजावट के लिए बांस बल्ली लगाने का कार्य तेज हो गया है। जिसके कारण शहर की पटरियां अब आवागमन योग्य नहीं रह गई हैं। ऐसे में अगर आप जाम से बचना चाहते हैं तो मुख्य मार्गों को छोड़कर या तो गलियों का सहारा ले सकते हैं या फिर शहर के बाहरी मार्गों का प्रयोग कर सकते हैं।
जनपद में विजयादशमी का पर्व 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। जिसे लेकर पूजा समितियों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई है। कई जगहों पर स्थापित प्रतिमाओं के पट खुल चुके हैं। तो ज्यादातर जगहों पर स्थापित मां की प्रतिमाओं के पट सप्तमी के दिन खुलेंगे। दशहरे का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे ही पूजा समितियों की तैयारियां भी तेज होती जा रही हैं। पंडालों के साथ ही रास्तों को भी आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया जा रहा है। जिसके लिए उनके द्वारा सड़क की पटरियों पर बांस बल्ली लगाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। पटरियों पर बांस बल्ली लगने के बाद शहर में जाम की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में अगर आप मुख्य मार्ग जो सिविल लाइन से होकर हर्रा की चुंगी और बिलरिया की चुंगी को जाता है उसे पकड़ते हैं तो जाम में फंसना तय है। लेकिन अगर आप शहर की गलियों और बाहरी रास्तों का इस्तेमाल करते हैं तो जाम की इस समस्या से बच सकते हैं।
इन मार्गों से आवागमन होगा सुलभ
- नगर के सिविल लाइन से अगर आप बिलरिया की चुंगी, ब्रह्मस्थान, हर्रा की चुंगी जाना चाहते हैं तो आप बवाली मोड़ से करतालपुर होते हुए गंतव्य को जा सकते हैं।
- अगर शहर के बीच से जाना चाहते हैं तो पुरानी जेल के पास से बंधे के रास्ते गुरुटोला, पुरानी सब्जी मंडी चौक, शिब्ली चौराहा होते हुए गंतव्य को जा सकते हैं।
- अगर पुरानी सब्जी मंडी चौराहे पर जाम मिलता है तो आप गलियों के जरिए ही आगे का सफर कर सकते हैं।
- वहीं अगर आप बिलरिया की चुंगी से सिविल लाइन या रोडवेज जाना चाहते हैं तो इसके दो रास्ते हैं। एक आप सीधे करतालपुर से बाइपास पकड़कर रोडवेज पहुंचे या फिर बिलरिया की चुंगी से हर्रा की चुंगी पहुंचिये फिर वहां से सीधे कालीनगंज, डीएवी कालेज होते हुए सिविल लाइन पहुंच सकते हैं।
यातायात निरीक्षक धनंजय कुमार ने बताया कि नवरात्र से ही बड़े वाहनों का भवरनाथ चौराहा, नरौली, जुनेदगंज, हाफिजपुर, सिधारी में शंकर जी मूर्ति से शहर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। आटो और ई रिक्शा के लिए वनवे नियम लागू किया गया है। यह लोग सदर अस्पताल से सीधे कोट किला, काली चौरा होते हुए सिविल लाइन, रोडवेज जाएंगे। रोडवेज और सिधारी से आने वाले वाहन पुरानी जेल के सामने बंधे के रास्ते होते हुए पांडेयबाजार को निकलेंगे। शंकर जी तिराहा से पहाड़पुर तक छोटे और बड़े वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है।