कृषि वातावरण संरक्षण व गुणवत्तायुक्त शोध के लिए बुधवार को कोयलसा ब्लाक के हिसामुद्दीनपुर गांव का सर्वेक्षण किया गया। इसमें कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान कानपुर व कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के संयुक्त टीम शामिल रही। किसानों से जानकारी प्राप्त कर शोध की परिकल्पना तैयार की जायेगी। इस संबंध में केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डा एलसी वर्मा ने बताया कि किसान की जोत, पशुओं की संख्या व बाजार की आवश्यकतानुसार शोध परिकल्पना तैयार की जायेगी। जिससे कि पैदावार के साथ-साथ किसान की आमदनी में वृद्धि हो सके। वानिकी वैज्ञानिक उमेश कुमार ने किसानों से सवाल जवाब कर उनकी कृषि समस्याओं का उजागर करने की कोशिश की। पादप प्रजनन वैज्ञानिक डा अखिलेश यादव ने बताया कि केंद्र पर फ्रंटलाइन डिमांसट्रेशन, आन फार्म ट्रायल व प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने के लिए सर्वेक्षण एक अचूक उपाय है। सर्वेक्षण के दौरान प्रगतिशील किसान शीतला सिंह, सतेंद्र सिंह, राम नारायण सिंह, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।