अहरौला कप्तानगंज मार्ग में बने गड्ढों की भरमार।
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अहरौला। प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा हवा हो गया है। कहीं यह दावे पूरे हुए तो कहीं कागजों में ही सड़कों को गड्ढा मुक्त घोषित कर दिया गया। वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य मार्ग की हालत भी ठीक नहीं है। कप्तानगंज-अहरौला सड़क पर तो कदम-कदम पर जानलेवा गड्ढे हैं। वाहन चालकों को मात्र 20 किमी की दूरी तय करने में एक घंटे लग जाते हैं।
कप्तानगंज-अहरौला सड़क की बदहाली दूर करने के लिए क्षेत्रवासी आलाधिकारियों से लेकर मंत्री-विधायकों के दरबार तक दौड़ लगाते रहते हैं। इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि सड़क बनवाने के वादे का हवाईजहाज उड़ाते हैं। बावजूद अब सड़क निर्माण का मसला एक इंच आगे नहीं बढ़ पाया है। इस सड़क के निर्माण के लिए भूख हड़ताल भी की गई। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व एसडीएम मौके पर पहुंचकर सड़क बनवाने का आश्वासन देते हुए भूख हड़ताल समाप्त करा दिए। कई माह बीत गए लेकिन आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ। गड्ढ़ों पर चलने से लोगों को मुफ्त में कमरदर्द की बीमारी मिल रही है। खराब सड़क को लेकर लोगों में रोष है। समाजसेवी लक्ष्मी चौबे, दिनेश पांडेय, राजू मोदनवाल, क्षेत्रपंचायत सदस्य राधेश्याम निषाद व लेदौरा के हरिकेश यादव आदि लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। साथ ही निर्माण पूरा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।