आजमगढ़। बसों के परमिट, फिटनेस और बीमा जैसे दस्तावेज दुरुस्त होने के बावजूद यदि वाहन प्रदूषण जांच यानी पीयूसी में फेल पाया गया तो चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने पीयूसी मानकों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। ऐसे वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के साथ संबंधित चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय जांच में वाहनों के परमिट, फिटनेस और बीमा की वैधता के साथ प्रदूषण प्रमाणपत्र की भी जांच की जा रही है। एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने बताया कि वाहन के अन्य कागजात पूरे होना पर्याप्त नहीं है। निर्धारित मानकों के अनुरूप वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होना भी जरूरी है।
प्रदूषण जांच में वाहन के फेल मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से वाहनों की जांच के दौरान प्रदूषण प्रमाणपत्र को भी प्रमुखता से देखा जा रहा है। पीयूसी जांच में मानक से अधिक प्रदूषण उत्सर्जन मिलने पर वाहन को दोबारा जांच और आवश्यक सुधार के लिए भेजा जा सकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद