दहेज हत्या के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन अजय कुमार श्रीवास्तव ने पति, सास-ससुर और देवर को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपित ननद को दोषमुक्त कर दिया।अभियोजन पक्ष के अनुसार कंधरापुर थाना क्षेत्र के दूधनारा निवासी राहुल राय की बहन पूजा राय उर्फ सोनी की शादी पांच मई 2018 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के हरिश्चंद्रपुर निवासी सचिन राय के साथ हुई थी।
शादी में मायके पक्ष ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था। आरोप था कि शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोग कार की मांग को लेकर पूजा का उत्पीड़न करने लगे। अभियोजन के मुताबिक तीन जनवरी 2020 को दहेज की मांग को लेकर पूजा राय को ससुराल में जला दिया गया।
गंभीर रूप से झुलसी पूजा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसी दिन शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई राहुल राय की तहरीर पर पति सचिन राय, सास मंजू देवी, ससुर राम दरश राय, ननद पूजा राय और देवर सुदीप उर्फ धीरज राय के खिलाफ दहेज हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई।
पुलिस ने विवेचना के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बाद में पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने पति सचिन राय और ननद पूजा राय को भी विचारण के लिए तलब किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल आठ गवाह परीक्षित कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पति सचिन राय, सास मंजू देवी, ससुर राम दरश राय और देवर सुदीप उर्फ धीरज राय को दोषी करार दिया।
चारों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, आरोपित ननद पूजा राय को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।