आजमगढ़। पेराई सत्र 2020-21 में चीनी मिल सठियांव को 50 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य मिला है। मिल इस बार लक्ष्य से कोसों दूर दिखाई पड़ रही है। इसका कारण गन्ना की उपज कम होना बताया जा रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 21 हजार किसानों ने अपने भूलेख फीड करा दिए हैं। इस आधार पर लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 25 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति हो सकेगी। ऐसे में साफ है कि विभाग को लक्ष्य पूरा करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
जानकारी मुताबिक चीनी मिल में आपूर्ति करने वाले गन्ना किसानों की संख्या लगभग 28 हजार बताई जाती है। इसमें 21 हजार किसानों ने अपना भूलेख कागज फीड करा दिया है। जिसके आधार पर लक्ष्य आधा 25 लाख क्विंटल ही गन्ना की आपूर्ति हो सकेगी। अब मात्र 7000 किसान ही बचे हैं जिन्होंने अपने भूलेख फीड नहीं किया हैं। माना जा रहा है कि यदि इन्होंने अपने भूलेख फीड कर देते हैँ तो भी लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल है। विभागीय आंकड़ों की माने तो 37 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन अभिलेख अनुसार उपज है। अभी लक्ष्य को पूरा करने के लिए 13लाख क्विंटल की गन्ना की आवश्यकता है जो परिक्षेत्र के किसान पूरा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में चीनी मिल प्रबंधन तंत्र लक्ष्य को पूरा करने का आंकड़ा लक्ष्य से दूर है।
भूलेख नहीं कराए फीड तो सट्टा होगा बंद
किसान समय पर यदि अपना भूलेख नहीं फीड कराएं तो उनका सट्टा बंद हो सकता है। किसान अपना भूलेख जमा कराकर तत्काल साईट पर जाकर अपना डाटा चेक कर लें। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हो तो शिकायत कर उसका निराकरण कराले अन्यथा उनको कैलैंडर की सुविधा से भी वंचित कर दिया जाएगा।
इस बार कोविड 19 के चलते जहां गन्ना का उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं इस बार अधिक बारिश व बाढ ने भी किसानों को मायूस कर दिया है। किसान अपना भूलेख जल्द से जल्द फीड करा दें। यदि समय से नहीं किया गया तो सट्टा बंद कर दिया जाएगा। - प्रताप नारायण, जीएम, चीनी मिल सठियांव।