सिधारी स्थित मछली मंडी के सामने फेंके गसे थर्माकोल में लगी आग से उठता जहरीला धुंआ।
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आजमगढ़। एनजीटी और कोर्ट के आदेशों की जनपद में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जहां एक तरफ पराली जलाने पर किसानों के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उनसे जुर्माना भी वसूला जा रहा है। वहीं शारदा चौराहे पर स्थित मछली मार्केट के पास सरेआम मंगलवार को थर्माकोल को जलाया गया और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी की ओर से देश के कई जनपदों में दीपावली पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उप्र के 17 जनपदों में पटाखे जलाने पर रोक लगा दी गई। किसानों द्वारा मशीन से धान की कटाई कराने के बाद पराली को खेतों में जलाया जा रहा था। इस पर रोक लगा दी गई। अगर कोई किसान खेतों में पराली जलाता है तो सैटेलाइट से उसकी फोटो खींचकर उसके ऊपर एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उनसे जुर्माना भी वसूला जा रहा है। लेकिन मछली मार्केट में खुलेआम एनजीटी और हाइकोर्ट के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मछली मार्केट में बाहर से आने वाली मछलियों को थर्माकोल के बाक्सों में भरकर लाया जाता है। बाद में इसके कारोबारियों द्वारा उसे वहीं बंधे के दूसरी तरफ नदी में फेंक दिया जाता है। जबकि पूरे देश में थर्माकोल प्रतिबंधित हो चुका है। लेकिन मछली मार्केट में इसका धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। मंगलवार को फेंके गए इस थर्माकोल में किसी ने आग लगा दी। इससे उठने वाला काला धुंआ पूरे वातावरण को प्रदूषित कर रहा था। काफी देर तक यह धुंआ निकलता रहा आने जाने वाले देेखते रहे। वहीं इसे रोकने के जिम्मेदार लोग मौन साधे रहे। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो गलत है हम इसकी जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।