कांवेंट विद्यालयों की तर्ज पर सूबे में माडल विद्यालय खोलने के सरकारी मंसूबे पर फिलहाल पानी फिरने जैसी स्थिति हो गई है। योजना के मुताबिक, इन विद्यालयों में अप्रैल 2015 से ही शिक्षण सत्र शुरू होना था लेकिन हकीकत यह है कि कप्तानगंज क्षेत्र में माडल विद्यालय भवन का निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका।
प्रदेश सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में 2051 माडल विद्यालय बनाने की स्वीकृति दी गई है। इसमें 193 प्रधानाचार्य, 1158 सहायक अध्यापक, 386 बाबू और 386 चतुर्थ क्लास कर्मचारियों के पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके लिए अध्यापकों की योग्यता बीएड, बीटीसी, यूपीटीईटी निर्धारित की गई है। इसमें गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, जीवविज्ञान, हिंदी, सामाजिक अध्ययन, संस्कृत, कंप्यूटर, पढ़ाने के लिए शिक्षकों की पूरी व्यवस्था है। इसके तहत, जनपद के कप्तानगंज में एक माडल विद्यालय बनने की स्वीकृति मिली। इसके लिए शासन की ओर से तीन करोड़ दो लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया।
अप्रैल 2015 से नए शिक्षा सत्र में विद्यालय में पढ़ाई का कार्य शुरू होने वाला था लेकिन अभी तक विद्यालय का भवन ही बनकर तैयार नहीं हुआ है। पढ़ाई की बात तो दूर है। विद्यालय में 20 कमरे बन चुके हैं और चार कमरे अभी बनने बाकी हैं।
हमें शिक्षण कार्य करने के लिए कुछ कमरे मिल जाएंगे लेकिन अभी तक हमें शासन की तरफ से कोई पूर्ण निर्देश नहीं मिला है। इसके कारण न तो विद्यालय में शिक्षकों की ही नियुक्ति हुई और न ही बच्चों का एडमिशन हो सका है। जैसे ही हमें पूर्ण निर्देश प्राप्त हो जाता है, हम आगे की कार्रवाई शुरू कर देंगे। - केपी सिंह यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक