सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला के एचईओ (हेल्थ एजुकेशन आफिसर) पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए आशा बहुओं ने मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्र पर धरना देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने साथ ही मरीजों के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया।
आशा बहुओं ने कहा कि एचईओ द्वारा हर काम के लिए रिश्वत मांगना आम बात है। कमीशन के चक्कर में मरीजों को दवाएं बाहर से लिखी जाती हैं। रिश्वत न देने पर आशाओं की रिपोर्ट आधी अधूरी बनाई जाती है। प्रसूता महिलाओं को शासन द्वारा मिली सुविधाओं से वंचित किया जाता है। जबकि पोलियो अभियान में लगी आशाओं और अन्य लोगों के पैसे का भुगतान अभी तक नहीं किया गया।
स्टाफ नर्स भी प्रसूताओं से 300 से 500 रूपये की मांगती हैं। कहा कि तमाम नसबंदी के लाभार्थियों को 1400 रूपये देने के बजाए मात्र 600 रूपए दिए जा रहे हैं। जबकि विगत सितंबर से 1400 रूपए देने का शासन का निर्देश है।
जिलाध्यक्ष विभा राय ने कहा कि जबतक लिखित रूप से किसी सक्षम अधिकारी द्वारा समस्या के समाधान के लिए लिखा नहीं जाता है। तक तक आशाओं का प्रदर्शन जारी रहेगा।
अब शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन देर शाम तक चलता रहा। इस मौके पर विजय कुमार, बृजबाला सिंह, सावित्री देवी, शशिकला, कुसुम, शारदा, शकुंतला, सुनीता, सरला श्रीवास्तव, सुनीता सिंह, मीरा यादव, अनीता सिंह उपस्थित थीं।
उधर, एचईओ प्रदीप कुमार कुशवाहा ने आशा बहुओ के आरोप को निराधार बताया। कहा उन्हें बदनाम करने के लिए उन पर बेवजह आरोप लगाया जा रहा है।