आजमगढ़। समाज कल्याण, प्रोबेशन और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं के जरिए बीते दस वर्षों में 150 करोड़ से अधिक के हुए घोटाले के मामले की विवेचना में हो रही देर और हीलाहवाली को देख हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की गई थी। पिछले दिनों कोर्ट ने विवेचना के दौरान नाम जोडने और बढ़ाने के खेल पर पुलिस को झाड़ पिलाई दी। मामले में हाईकोर्ट ने नौ जनवरी को एसपी आजमगढ़ से जवाब मांगा है। कोर्ट की सख्ती के बाद पूरा महकमा अब तक हुई सारी कार्रवाईयों का डाटा जुटा रहा है।
इतने बड़े घोटाले की जांच न हो पाने पर तत्कालीन डीएम सुहास एलवाई ने 22 मार्च 2016 को प्रमुख सचिव समाज कल्याण को पत्र भेजकर इस घोटाले की वृहद जांच कराने की मांग की थी। पत्र में बताया गया था कि वर्ष 2007 से 2013 के दौरान सोशल सेक्टर की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के मदों में 150 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता हुई है। 50 से अधिक स्कूल-कालेज ने फर्जी और काल्पनिक छात्र-छात्राओं को दर्शाकर दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम को हड़प लिया है।
विधवा पेंशन का रुपया छात्रवृत्ति और छात्रवृत्त का रुपये विधवा पेंशन के खाते में भुनाया गया है। जांच अधिकारी अपर अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह को दो करोड़ 80 लाख, 66 हजार के घोटाला के साक्ष्य मिलने पर 2014 में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने चार थानों में 34 लोगों को नामदज करते हुए विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें दो मामले कप्तानगंज थाने में, सिधारी और शहर कोतवाली में एक-एक रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चार सितंबर 2014 से 11 जून 2015 के बीच केस दर्ज हुए हैं, लेकिन इनकी विवेचना अभी पूरी नहीं हो सकी। घोटाले के आरोपियों के सलाखों को पीछे नहीं पहुंचते देख एक पीआईएल हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। इस बीच शासन की ओर से पिछले दिनों जांच ईओडब्लू वाराणसी को सौंप दी गई। कोर्ट पिछली पेशी के दौरान तीन साल पहले दर्ज हुए मामले की विवेचना अभी तक पूरी न होने पर एसपी को काफी फटकार लगाई थी। मामले में नौ जनवरी को एसपी से जवाब मांगा है। कोर्ट को जवाब देने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर डाटा जुटाते हुए तैयारी की जा रही है।
समाज कल्याण घोटाले के संबंध में हाईकोर्ट की ओर से जवाब मांगा गया है। संबंधित दरोगा से जवाब तैयार करवाया जा रहा है। इसे निर्धारित तिथि को प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
- सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी/प्रभारी एसपी