गर्मी और मानसिक तनाव के साथ-साथ अव्यवस्थित खानपान व भागदौड़ भरी जीवनशैली लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। खासकर 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। मंडलीय जिला चिकित्सालय में डॉ. आरके कुशवाहा की ओपीडी में प्रतिदिन 12 से 13 मरीज हाइपरटेंशन की शिकायत के साथ पहुंच रहे हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि जब खून का दबाव नसों पर असामान्य रूप से बढ़ता है तो उसे हाईपरटेंशन कहते हैं। यह एक साइलेंट किलर है, क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर को गंभीर बीमारियों की ओर ले जाता है। इसका प्रमुख कारण तनाव, असंतुलित दिनचर्या और गर्मी के चलते चिड़चिड़ापन है।
उन्होंने बताया कि 18 से 35 वर्ष के लोगों में भी इसका असर दिख रहा है। अब यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेष रूप से गर्मियों के दिनों में शरीर का तापमान असंतुलित होने से ब्लड प्रेशर का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
मंडलीय अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सिर्फ हाईपरटेंशन ही नहीं, बल्कि गर्मी जनित कई बीमारियों के मरीज लगातार आ रहे हैं। इनमें त्वचा में खुजली, चेहरे पर दाने, पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी-दस्त, कान दर्द, डायरिया, पीलिया और आंखों में जलन प्रमुख हैं।
बरतें सावधानियां
- 40 वर्ष की आयु के बाद साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर की जांच अवश्य कराएं।
- यदि बीपी बार-बार 130/90 या उससे अधिक आ रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
- पर्याप्त नींद लें, तनाव से बचें और संतुलित आहार लें।
- धूप में निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें।