गंभीरपुर थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में सोमवार की रात कुछ लोगों ने प्रधान और उनके भाई को न सिर्फ लाठी-डंडे से पीटा बल्कि गोली मारकर उनकी बंदूक भी छीन ले गए। घायलों को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया फिर डाक्टरों ने दोनों को वाराणसी रेफर कर दिया। प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद और आठ अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। घटना का कारण पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
मदारपुर गांव निवासी नेयाज अहमद गांव के प्रधान भी हैं। उनकी गांव के ही अकील अहमद से पुरानी रंजिश चल रही है। वर्चस्व को लेकर दोनों पक्ष के लोग कई बार आमने-सामने हो चुके हैं। इसी झगड़े में 26 जुलाई 2013 में गांव के ही रिजवान पुत्र मुमताज की हत्या हो चुकी है। इसमें नेयाज सहित चार लोग आरोपी बनाए गए थे। इस मामले में तीन आरोपी जमानत पर छुट चुके हैं, जबकि एक जेल में है। इसी बीच सोमवार की रात करीब साढ़े दस बजे नेयाज अपने ही गांव की एक महिला के घर बैठे थे।
वहां पहुंचकर अकील और उनके साथियों ने नेयाज पर हमला बोल दिए। शोर-शराबा सुनकर जब बीच बचाव करने प्रधान के भाई शालीब पहुंचे तो मनबढ़ों ने उन्हें भी लाठी-डंडे से पीटकर घायल करने के बाद गोली मार दी। पैर में गोली लगने से नेयाज और लाठी-डंडे से हुई पिटाई में शालीब घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से डाक्टरों ने दोनों को वाराणसी रेफर कर दिया। घटना की जानकारी होने पर रात में ही एएसपी नगर विनोद कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने मातहतों को घटनाक्रम पर गहनता से नजर रखने का निर्देश दिया। एसओ गंभीरपुर सुरेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि प्रधान नेयाज अहमद की तहरीर पर अकील, जमील, तालिब और साजिद को नामजद और आठ अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश जारी है।