आजमगढ़। आदर्श रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित जीआरपी थाने में पिछले पांच सालों में अब तक छोटे-बड़े अपराध के कुल 42 मुकदमे पंजीकृत हैं। ताज्जुब की बात तो यह है कि 42 अपराधियों में 27 अपराधी अंतरजनपदीय हैं। यह अपराधी रेल में यात्रा कर अपने घर आ रहे परदेशी बाबुओं को जहर खुरानी का शिकार बना उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई लूट लेते है। वहीं जीआरपी पुलिस अपराधियों के घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगा रही कि वह क्या कर रहे, कहां रह रहे हैं।
रेलवे प्रशासन जहरखुरानी की घटना से बचने के लिए यात्रियों को जागरूक करने की हर जुगत कर रहा है। जहर खुरानी के कई मामले जीआरपी आजमगढ़ में भी दर्ज हैं। जहां जहरखुरानी, चोरी व अपहरण के मामले में लगभग 42 मुकदमे पंजीकृत हैं। हालांकि पुलिस द्वारा कई अपराधियों की गिरफ्तारी भी की गई और उन्हें जेल भी भेज दिया गया। 42 अपराधियों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे में 14 अपराधी अंतरजनपदीय हैं और 15 आजमगढ़ के रहने वाले हैं। अंतरजनपदीय में वाराणसी, जौनपुर, मऊ, गोरखपुर, बलिया के रहने वाले हैं। वहीं दो अन्य प्रदेश छत्तीसगढ़ व बिहार जनपद के रहने वाले हैं। यह अपराधी यहां आकर घटना को अंजाम देते थे। जीआरपी के आंकड़े के मुताबिक सबसे ज्यादा मऊ जनपद के अपराधी हैं, जो यहां आए दिन घटना को अंजाम दिया करते थे। इनमें कुछ अपराधियों के खिलाफ चोरी के मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन कुछ अपराधी कुख्यात हैं, जिनके खिलाफ दर्जनभर से ज्यादा मुकदमे पंजीकृत हैं।