संत श्री गोविंद साहब के दरबार में लगे ऐतिहासिक मेले में रविवार लोगों की भारी भीड़ जुटी। गोविंद सरोवर में लोगों आस्था की डुबकी लगाई। दूरदराज के जनपदों से आए भक्तों ने जहां जमकर मेला का लुत्फ उठाया।
गोविंद साहब के मेले तीन दिन पहले से ही लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। दो दिनों तक अखंड चलने वाले स्नान की मान्यता है कि पूरे दो माह तक किसी दिन भी कोई श्रद्धालु स्नान करेगा तो आज के ही जैसा फल मिलेगा। स्नान के बाद भक्तों ने बाबा की समाधि पर लाल गन्ना और कच्ची खिचड़ी चढ़ाई।
कहते हैं कि जो लोग सरोवर में स्नान करते हैं बाबा उनकी मुरादें सुनता है। सरोवर में स्नान करने से सबके कलेश मिट जाते हैं। तत्पश्चात खिचड़ी का प्रसाद लेकर वहीं पर मिट्टी के बर्तन और उपले के अहरे पर लोग खिचड़ी पकाकर खाते हैं। इसके बाद मेले का आनंद लेते हैं।
उधर मेले की प्रसिद्ध मिठाई खजला की दूकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई। गोविंद साहब मेले का प्रसिद्ध मिष्ठान खजला है। मैदा, खोवा और चीनी से बनने वाला यह मिष्ठान पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है।
इसके अलावा, मेले में भक्तों ने अपने पसंद के सामानों की जमकर खरीदारी की। वहीं, खरीदार के बाद भक्तों ने थिएटर, झूले, मौत का कुआं और सर्कस आकर्षण का केंद्र रहा।