पंचायत चुनाव में जीत हासिल करने वाले प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों को रविवार को समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इनमें से 1158 नवनिर्वाचित प्रधान शपथ लिए, जबकि 714 गांव में सदस्यों की संख्या कम होने की वजह से इन गांवों के प्रधान शपथ नहीं ले सके। अब ग्राम प्रधानों की पहली बैठक 26 दिसंबर को होगी। इसमें कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
आयोग के अगले निर्णय के बाद सदस्यों का चयन कर दोबारा शपथ दिलाया जाएगा। जिले के 22 ब्लॉकों के विजयी प्रधानों को रविवार को ब्लाक मुख्यालय पर पद एवं गोपनीयता की शपथ खंड विकास अधिकारी ने दिलवाया। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए पहली बार जीतकर पहुंचे महिला और पुरुष प्रधानों में खासा उत्साह देखने को मिला।
शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रधान अपने महिला और पुरुष समर्थक और समर्थकों एवं रिश्तेदारों के साथ पहुंचे थे। कार्यक्रम में दो से पांच बार तक प्रधानी का चुनाव जीतने या निर्विरोध चुने जाने वाले प्रधान भी रहे। शपथ ग्रहण समारोह में 1872 प्रधानों में से महज 1158 गांव के ही प्रधान शपथ ले सके। जबकि 714 गांव में सदस्यों की संख्या कम होने की वजह से यहां के प्रधान शपथ नहीं ले सके।
जिनका शपथ ग्रहण हो चुका है और गांव में पर्याप्त सदस्यों की संख्या है, उन प्रधानों की पहली बैठक 26 दिसंबर को होगी। इसमें कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पल्हनी ब्लॉक के 91 प्रधानों में सिर्फ 56, ठेकमा के 86 प्रधानों में 63, कोयलसा ब्लॉक के 87 में से 61, मुहम्मदपुर के 73 में से 50, अजमतगढ़ के 103 में से 61, बिलरियागंज के 116 में से 56, पवई के 96 में से 56, लालगंज के 92 में से 67, फूलपुर के 89 में 61, मिर्जापुर के 86 में से 73 प्रधानों सहित अन्य ब्लाकों में शपथग्रहण संपन्न हुआ।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि जिन 714 गांव में सदस्यों की संख्या कम है। वहां की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी गई है। आयोग के निर्देश पर यहां दोबारा चुनाव करवाया जाएगा ताकि ग्रामसभा का गठन हो सके।