आजमगढ़। आठ सालों के लंबे इंतजार के बाद बस्ती में राजकीय महिला महाविद्यालय बनकर तैयार हो गया है। कार्यदायी संस्था ने पिछले माह इसे उच्च शिक्षा विभाग वाराणसी को हैंडओवर भी कर दिया है। अब क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें पास में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। अल्पसंख्यक क्षेत्र की बेटियों को पास में ही उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शासन की तरफ से प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत राजकीय महिला महाविद्यालय बनाने की आठ वर्ष पूर्व मंजूरी मिली। 9.45 करोड़ की लागत से बनने वाले महिला महाविद्यालय के लिए प्रशासन की तरफ से मिर्जापुर ब्लॉक के बस्ती गांव में जमीन चिन्हित की गई।
बजट मिलने के बाद कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएसएस ने काम भी शुरू कर दिया। लेकिन इसे पूरा होने में आठ साल से अधिक का समय लग गया। हालांकि इसके पीछे कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों ने बताया कि पहली किस्त के बाद अन्य किस्त शासन से समय से नहीं मिल पाई। इसके कारण भवन के निर्माण में देरी हुई। बीते जुलाई माह में महाविद्यालय तैयार होने के बाद उच्च् शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया गया। इसमें तीन मंजिला भवन के साथ ही पर्किंग, गार्डेन, पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक, बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण कराया गया है। राजकीय महिला महाविद्यालय बनने के बाद अब क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें जल्द ही पास में उच्च शिक्षा मिल सकेगी।