आजमगढ़। गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए सालिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट योजना शुरू की गई थी। इसके तहत सोख्ता और ह्यूम पाइप के जरिए नालियां बनाई जानी थी। जनपद में 63 गांवों को इन कार्यों के लिए रकम भेजी गई थी। अब इस्तेमाल नहीं होने पर शासन ने धनराशि वापस मांगी है।
गांवों में घरों से जल निकासी की समस्या गंभीर है। ऐसे लोगों के लिए उनकी जमीन में सोख्ता बनाकर घरों से निकलने वाले पानी का प्रबंधन किया जाना था। रास्तों पर जलभराव रोकने के लिए ह्यूम पाइप लगाकर सोख्ता से जोड़ने की योजना थी। एसएलबडब्ल्यूएम नामक इस योजना के लिए जिले में ग्राम पंचायतों से मिले प्रस्ताव के अधारा पर 63 गांवों का चयन किया गया। प्रधानों ने किसी ने पांच लाख, किसी ने आठ लाख, किसी ने 10 तो किसी ने 18 लाख का प्रस्ताव तैयार कर भेजा। ग्राम निधि-छह के खाते में ग्राम प्रधानों के प्रस्ताव पर धनराशि भेज दी गई। कुछ प्रधानों ने कार्य कराया लेकिन बहुत से ग्राम प्रधान कार्य नहीं करा सके। जिन ग्राम प्रधानों ने इस योजना के तहत काम नहीं कराया उनको धनराशि वापस करनी है। जिन ग्राम प्रधानों ने कार्य कराया है, उपभोग प्रमाण पत्र देना होगा।