आजमगढ़। आबकारी विभाग के नियमों में शासन ने काफी बदलाव किया है। पूर्व में सरकारी शराब की दुकानों के लाइसेंसियों का ही पुलिस सत्यापन होता था लेकिन अब लाइसेंसियों के अलावा सेल्समैनों का भी पुलिस सत्यापन जरूरी कर दिया गया है। शासन के निर्देश के बाद आबकारी विभाग सभी लाइसेंसियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिया है और जल्द से जल्द सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में जहरीली शराब कांड हुए है। इसमें आजमगढ़ जिला भी शामिल है। पवई व दीदारगंज क्षेत्र में जहरीली शराब से 39 लोगों की मौत हुई है, यह अलग बात है कि सरकारी आकड़ा मात्र 8 ही सामने आया है। आजमगढ़ के अलावा भी प्रदेश के कई और जनपदों में सरकारी शराब की दुकानों से नकली शराब की बिक्री की बात सामने आयी। कई मामलों में लाइसेंसियों के अलावा सेल्समैनों की संलिप्तता भी सामने आई है। इसके बाद से ही शासन ने आबकरी विभाग के नियमों के बदलाव करते हुए लाइसेसियों के अलावा सेल्समैनों का भी पुलिस सत्यापन कराने का फरमान जारी कर दिया। जिस पर जिले स्तर पर आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंसियों को जल्द से जल्द सेल्समैनों का पुलिस सत्यापन करा कर उपलब्ध कराने का निर्देश जारी कर दिया गया है। शासन की इस कवायद से लाइसेंसियों के साथ ही सेल्समैनों में भी हड़कंप मच गया है।
जिले में है 586 सरकारी शराब की दुकानें
आजमगढ़। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में देशी शराब की 303, अंग्रेजी शराब की 132, बियर की 105, मॉडलशॉप दो व भांग की 44 लाइसेंसी दुकाने है। इन सभी दुकानों पर कार्यरत सेल्समैनों का पुलिस सत्यापन होना है। अन्यथा की स्थिति में विभाग लाइसेंसियों पर ही कार्रवाई को बाध्य होगा।
इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी अनूप शर्मा का कहना है कि शासन के निर्देश पर लाइसेंसियों का शत प्रतिशत सत्यापन हो चुका है। अब सेल्समैनों के सत्यापन की कवायद भी शुरू करा दी गई है। सभी लाइसेंसियों को इस बाबत जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। कुछ लाइसेंसियों ने अपने सेल्समैनों का सत्यापना करा कर रिपोर्ट उपलब्ध भी करा दिया है।