आजमगढ़। प्रधानमंत्री की महात्वाकांक्षी योजना किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा सामने आया है। कुछ मामले ऐसे भी पाए गए हैं जो सरकारी कर्मचारी हैं व कुछ मृतकों को भी इसका लाभ मिल रहा है। वहीं कुछ ऐसे परिवारों में पति व पत्नी दोनों इसका लाभ उठा रहे हैं। ऐसे कुल 1675 मामले सामने आए हैं। इसका खुलासा शासन के निर्देश पर हुई रैंडम आधार पर हुई जांच में हुआ है। उक्त लोगों से आहरित की गई किसान सम्मान निधि की रिकवरी की जाएगी और वहीं इसका लाभ ले रहे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत चयनित किसानों को तीन किस्तों में छह हजार रुपये प्रति वर्ष दी जाती है। जनपद में कुल सात लाख 32 हजार 169 किसान पंजीकृत हैं। इन्हें हर तीन महीने पर दो हजार रुपये दिए जाते हैं। शासन द्वारा रैंडम आधार पर जांच करने के लिए 90 हजार 549 किसानों का डाटा भेजा गया था। जांच में कुल 16 हजार 75 किसान अपात्र पाए गए हैं। इनमें मृतक, भूमिहीन, सरकारी नौकरी, पति व पत्नी दोनों, लाभ लेना पाया गया है। अब ऐसे चालबाजों के खिलाफ पाई-पाई वसूलने की विभाग तैयारी कर रहा है। जिन लोगों ने फर्जी तरीके से योजना का लाभ लिया है ऐसे लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। अभी और नए मामले सामने आ सकते हैं। यह तो सिर्फ बानगी है।
पीएम किसान सम्मान निधि की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि पूर्व में पा रहे किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे 1675 किसान गलत तरीके से पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं, जो लोग गलत तरीके से पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे सभी से वसूल किए जाएंगे। इसके साथ ही योजना का लाभ ले रहे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी, आजमगढ़।