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मुआवजा देने के नाम पर लगवाया अंगुठा, रिपोर्ट लगाई सर्दी-खांसी से मौत

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आजमगढ़। पवई जहरीली शराब कांड में मंगलवार को पुलिस ने खेल खेला तो बुधवार को प्रशासनिक अमले का खेल चला। जहरीली शराब से हुई मौत को छुपाने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अमला हर हथकंडा अपने पर उतर गया है। बुधवार को लेखपाल मृतकों के घर-घर पहुंच कर परिजनों से मुआवजा दिलाने के नाम अंगुला लगवा रहा है और रिपोर्ट सर्दी-खांसी-बुखार से मौत की रिपोर्ट लगा रहा है। किसी भी व्यक्ति की रिपोर्ट शराब से नहीं दिखायी जा रही है, जबकि परिजन चीख-चीख कर कह रहे है कि मौत जहरीली शराब पीने से ही हुई है। पुलिस महकमे के झूठ को छिपाने में अब प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह से जूट गया है।
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पवई के मित्तूपुर में रविवार से जहरीली शराब के सेवन से मौत का सिलसिला शुरू हुआ है। बुधवार तक मौत का आकड़ा जिले में ही 22 तक पहुंच गया है। मंगलवार को एसपी सुधीर कुमार सिंह चार घंटे मौके पर पर डटे रहे। मीडिया कर्मियों की मोबाइल छीन लिया और भीड़ को लाठियां भजवां कर खदेड़ा वहीं शाम में मीडिया को बयान यह दिया कि जिले में जहरीली शराब पीने से एक की भी मौत नहीं हुई है। पूरी घटना अंबेडकरनगर जिले की है। वहीं बुधवार को अमर उजाला में जिले के 17 व अंबेडकरनगर जिले के पांच लोगों की जहरीली शराब की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बुधवार को एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह को मौके पर जांच के लिए भेजने की बात बतायी लेकिन गांव में एडीएम पहुंचे ही नहीं। उनके स्थान पर लेखपाल चंद्रेश यादव अमर उजाला में छपे मृतकों के घर-घर पहुंचे और सभी को सरकार से मुआवजा दिलाने की बात कह कर आधार कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर आदि लिया और अंगुठा या हस्ताक्षर करा लिया। मौत के कारण में जो रिपोर्ट लेखपाल द्वारा लगाई जा रही थी उसमें सर्दी-खांसी बुखार आदि से मौत बताया जा रहा था। जबकि मृतकों के परिजन चीख-चीख कर यह कह रहे थे कि जहरीली शराब पीने से ही मौत हुई है। एसपी के झूठ को छिपाने में बुधवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार भी जुटे नजर आए। पुलिस व प्रशासनिक अमला पूरी तरह से जहरीली शराब के बजाए अन्य कारणों से मौत दिखाने की कवायद में जुटा हुआ है। आखिर यह खेल क्यो हो रहा है, यह बताने वाला कोई नहीं है। पहले ही दिन गलत बयानी कर पुलिस व प्रशासनिक अमल फंस चुका है और अब मृतकों के परिजनों पर मुआवजा देने का लालच देकर दबाव बनाने की कवायद की जा रही है।
अब तक हुआ मात्र एक का पोस्टमार्टम
आजमगढ़। जिले में जहरीली शराब के सेवन से 22 की मौत हो चुकी है और पुलिस व प्रशासनिक अमला एक भी मौत जहरीली शराब से होना नहीं मान रहा है। किसी की भी लाश का पीएम नहीं कराया जा रहा है। 22 मौत में से मात्र एक का ही पीएम हुआ है। जो मैनुद्दीनपुर के नवनिर्वाचित प्रधान राजेश यादव का था। इनकी भी संदिग्धावस्था में मौत हुई थी और मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया था। मिल्लकीपुर में ही शराब पीने के बाद इन्होंने भी दम तोड़ था।
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