सगड़ी के मुरारी का पुरवा घाघरा की कटान से पलायन करता राजेश का परिवार।
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद भी अभी तक खतरा बिंद से ऊपर बना हुई है। वहीं मंगलवार को नदी में फिर से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण नदी के जलस्तर में फिर से बढ़ोत्तरी होगी। वहीं घटाव के कारण तेजी से हो कटान में देवारा खास राजा के मुरली का पुरवा के 15 घर कटान की भेंट चढ़ गए हैं।
सोमवार की शाम बदरहुंआ नाले पर घाघरा नदी का जलस्तर 71.76 मीटर दर्ज किया गया था जो मंगलवार की शाम को पांच सेमी घटकर 71.71 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से तीन सेमी अधिक है। वहीं डिघिया गेज पर सोमवार की शाम नदी का जलस्तर 70.45 मीटर दर्ज किया गया था। यहां पर मंगलवार को नदी का जलस्तर पांच सेमी बढ़कर 70.69 मीटर हो गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से नौ सेमी अधिक है। जलस्तर घटने के बाद अभी भी करीब 40 राजस्व गांव के संपर्क मार्ग डुबे हुए हैं। आवागमन बाधित है ।गांव में जमा पानी से दुर्गंध आ रही है । अभी भी गांव में क्लोरीन की गोली का वितरण नहीं हुआ । ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हुआ। घाघरा घटने के साथ कटान तेज हो गई । देवारा खास राजा के मुरली का पुरवा, त्रिलोकी का पुरवा और अचल नगर के दुबान देवारा, गरीब दुबे और अचल सिंह में कटान हो रही है। महाराजगंज ब्लाक के सेमरी गांव में कटान तेजी से हो रही है। सेमरी विद्यालय का अस्तित्व खतरे में पड़ा हुआ है। एक हजार बाढ़ राहत पैकेट प्रभावित में वितरण करने के लिए आया है ।जो बाढ चौकी हाजीपुर से वितरण किया जाएगा। मुरली का पुरवा के करीब 15 घर घाघरा में विलीन हो गए । तो वही त्रिलोकी का पुरवा और तीर्थ राज का पुरवा घाघरा के निशाने पर है जो कभी भी कट सकते हैं। इसके साथ ही करीब 100 एकड़ जमीन विगत दो दिन में कट चुकी है। घाघरा में विलीन हो चुकी है। बाढ़ खंड के अधिकारियों की मानें तो नदी में फिर चार लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।