सगड़ी के गांव गांगेपुर परसिया में घाघरा नदी की कटान।
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लाटघाट। बनबसा बैराज से घाघरा नदी में छोड़े गए 2.29 लाख क्यूसेक पानी का असर अब घाघरा में दिखने लगा है। शुक्रवार को घाघरा नदी के जलस्तर में 60 सेेमी की बढ़ोत्तरी देखने को मिली। नदी का जलस्तर डिघिया नाले पर न्यूनतम गेज को पार कर चुका है। अधिशासी अभियंता की मानें तो जून माह में कभी नदी ने गेज को नहीं छुआ था। विगत 10 सालों से वह यहां ड्यूटी कर रहे हैं लेकिन ऐसा कभी देखने में नहीं आया।
सगड़ी तहसील के देवारा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बनबसा बैराज से दो दिन पूर्व छोड़े गए 2.29 लाख क्यूसेक पानी और यास तूफान का असर नदी में देखने को मिल रहा है। जिसका परिणाम है कि नदी ने पहली बार मानसून की बारिश होते ही न्यूनतम गेज हो छुआ है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान तेज हो गई है। नदी का जलस्तर डीघिया नाले पर 68.90मीटर से 60 सेमी बढ़कर 69.50 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि यहां पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम 72.10 मीटर है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से गागेपुर पर्शिया रिंग बाध पर कटान तेज हो गई है। वहीं देवारा खास राजा में घाघरा नदी कटान कर रही है। कटान से तटवर्ती गांव के लोगों में दहशत बन गई है। गांगेपुर में निर्माणाधीन ठोकर का कार्य बरसात होने के कारण काम बंद हो गया है जिससे खतरा और बढ़ गया है। शुक्रवार को ग्रामीणों की लगभग 20 से 25 बीघा कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित हो गई है ।कटान की गति तेज होने से देवारा खास राजा, गांगेपुर परसिया के लोग चिंता में हैं। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब नदी ने जून माह में मानसून की बारिश शुरू होते ही गेज को छुआ है। यह यास तूफान के साथ नदी में बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी का असर है जो दो दिन रहेगा।