गंगा नदी पर शिवपुर-नौरंगा के सामने यूपी-बिहार को जोड़ने वाले पुल का निर्माण कार्य नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण सेतु निगम को रोकना पड़ा है। पांच माह पहले इस सेतु का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और इस दौरान कुल सात पिलर बने हैं। सेतु में कुल 19 पिलर बनने हैं। पुल का निर्माण तीन साल में पूरा होना है।
बताया जाता है कि वर्ष 1995 में गांव के लोगों ने पूर्व पीएम चंद्रशेखर से पुल की मांग की थी। उसी वक्त उन्होंने यहां सेतु निर्माण के लिए लोगों को आश्वस्त किया था। उनकी घोषणा के बाद सर्वे शुरू हो गया लेकिन नदी के कटान की वजह से भौगोलिक परिस्थिति बदल गई और सेतु का मामला टल गया। फिर 2016 में सेतु का शिलान्यास किया गया लेकिन दो साल तक निर्माण नहीं शुरू हुआ।
मामला यूपी और बिहार सरकार की स्वीकृति में फंसा रहा। सभी मामले सुलझाने के बाद पांच माह पहले काम तो शुरू हुआ लेकिन वर्तमान में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कार्यदायी संस्था को काम रोकना पड़ा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण बलिया जिले में गंगा और सरयू दोनों नदियां बढ़ाव की ओर हैं। बृहस्पतिवार को गायघाट में गंगा का जलस्तर 52.410 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, तुर्तीपार डीएसपी हेड पर सरयू का जलस्तर 63.690 दर्ज किया। गंगा का जलस्तर खतरा निशान 57.615 से 5.205 मीटर नीचे है।
वहीं, सरयू का जलस्तर खतरा निशान 64.01 से मात्र 32 सेमी नीचे है। हालांकि अभी नदियों का पानी पेटे से बाहर नहीं आया है, लेकिन तटवर्ती इलाके के लोग बाढ़ की स्थिति बनते देख सुरक्षा के उपाय करने लगे हैं। 24 घंटे में नदियों का जलस्तर लगभग 11 सेमी बढ़ा है।