लाटघाट। विगत कई दिनों से देवारा क्षेत्रवासियों को डराने के बाद आखिर मंगलवार सेञ घाघरा के जलस्तर में कमी होनी शुबरू हो गई है। मंगलवार की शाम चार बजे डिघिया गेज पर 10 सेमी और बदरहुंआ गेज पर 11 सेमी का घटाव दर्ज किया गया।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी एक बार लोगों की चौखट पर दस्तक देने के बाद अब उतरने लगी है। घाघरा प्रतिवर्ष देवारा क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत बनकर आती है और लगभग एक महीने तक देवारावासियों के लिए खौफ का कारण बनी रहती है।
नदी कभी घटती और कभी बढ़ती है। इस दौरान नदी की कटान में भी तेजी आ जाती है। जिसके कारण देवारावासियों की सांसें हमेशा नदी की चाल को देख घटती और बढ़ती रहती है। विगत कई दिनों से नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी रुकने और जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बदरहुंआ नाले पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है।
सोमवार की शाम नदी का जलस्तर इस गेज पर 71.36 मीटर दर्ज किया गया था। जो मंगलवार को 11 सेमी घटकर 71.25 मीटर पर आ गया। वहीं डिघिया नाले पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। सोमवार की शाम नदी ने यहां पर खतरा बिंदू को पार कर लिया। यहां पर नदी का जलस्तर 70.46 मीटर दर्ज किया गया था। जो खतरा बिंदू से छह सेमी अधिक था। लेकिन मंगलवार को इसमें 10 सेमी की घटोत्तरी के साथ नदी का जलस्तर 70.36 मीटर पर आ गया।
जलस्तर घटने के साथ कटान हुई तेज
लाटघाट। डिघिया गेज पर सोमवार की शाम खतरा बिंदू को पार करने के बाद घाघरा का जलस्तर तो कम हो गया लेकिन देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा में कटान तेज हो गई। घाघरा नदी के कटान से मुराली के पुरवा में 14 परिवार कटान के मुहाने पर खड़े हैं। जिसमें शिवनाथ पटेल, जगदीश पटेल, तीर्थराज, रामवृक्ष, लाल बचन, राधे, लालधर, रामकेवल, लोरिक, विजय, जयराम, पूजन, जयप्रकाश आदि के आवास शामिल हैं।
कभी भी इनका आशियाना घाघरा नदी में विलीन हो सकता है। वहीं अचल नगर में देवारा गरीब दुबे, देवारा भिक्षुक दास, देवारा रामसरन दुबे में भी कटान हो रही है। अब तक करीब सैकड़ों एकड़ जमीन घाघरा नदी में विलीन हो चुकी है।