लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में घटोत्तरी का क्रम निरंतर जारी है। विगत 24 घंटों में घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 11 सेमी और डिघिया नाले पर 12 सेमी कम हुआ लेकिन जलस्तर घटने के साथ कटान में तेजी आई है।
देवारावासियों को दहलाने के बाद घाघरा नदी का जलस्तर विगत कई दिनों से घट रहा है। इसके बाद भी क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। जलस्तर में घटाव के साथ ही कटान में भी तेजी आ गई है। नदी बढ़ने के कारण जिन गांवों में बाढ़ का पानी घुसा था उनमें से कई गांवों के लोग आज भी नाव के सहारे ही आवागमन करने को विवश हैं। बदरहुंआ नाले पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया नाले पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। मंगलवार को बदरहुंआ नाले पर शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.46 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुद्धवार की शाम 12 सेमी घटकर 71.35 मीटर हो गया। जबकि न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर ही रहा। वहीं डिघिया नाले पर नदी की जलस्तर मंगलवार की शाम चार बजे 69.49 मीटर दर्ज किया गया था जो 12 सेमी घटकर 69.37 मीटर हो गया। जबकि न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर ही रहा। घटाव के बाद भी महुला गढ़वल बांध से खरैलिया ढाला पर घाघरा नदी में नाव चल रही है। झगरहवा, झनझनपुर, देवारा खास, रामकरण का पुरवा, अराजी अजगरा मगरवी, मलह टोली, महा जी आदि गांव के लगभग 15 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। बिछड़ यादव, फूलचंद, रमाशंकर, मिठाई लाल, राजेंद्र, संतराम, केवल, जयश्री, नरेंद्र, लाल बहादुर, मूलचंद ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं और स्कूली बच्चों को हो रही है।
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बीमारियों ने भी पसारे पांव
देवारा क्षेत्र में जगह-जगह जमा बाढ़ के पानी के कारण अब संक्रामक बीमारियों ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। देवारा खास राजा गांव के पानी से घिरे लालधर का पुरवा में राकेश, राम हरी, अयोध्या, चंद्रजीत, भीम यादव, लाल बहादुर बीमार हैं। वहीं रोशनगंज नई बस्ती में आशीष, कंवलदीप, सौरभ, गोविंद, संतोष, दीपक, सोनू, अवधेश, चंपा, सुदामा, सुभांगी, सुदर्शन, शिवम, अंशु, मिश्री संक्रामक बीमारी से ग्रसित हैं। वायरल, फीवर, खांसी, जुखाम, खुजली से प्रभावित हैं। लेकिन अभी तक इन गांवों में चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंची है।