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गांगेपुर ठोकर को अपने आगोश में ले रही घाघरा

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। जलस्तर घटने के साथ नदी की कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से गांगेपुर में निर्माणाधीन ठोकर को अपने आगोश में लेती जा रही है। वहीं गांवों में अब तक न तो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया है और ना ही ग्रामीणों में क्लोरीन की गोलियां ही बांटी गई हैं।
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सगड़ी तहसील के हरैया ब्लाक के देवारा खास राजा, बगहवा और गांगेपुर परसिया में घाघरा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। जलस्तर घटने के साथ कृषि योग्य भूमि कट कर नदी में समाहित हो रही है। घाघरा नदी से महुला गढ़वल बांध और आबादी को बचाने के लिए तीन ठोकर का निर्माण मार्च अप्रैल से चल रहा है। 15 करोड़ 18 लाख की लागत से बन रहा गांगेपुर ठोकर घाघरा नदी के कटान से कट रहा है। वहीं, अब महुला गढ़वल बांध के साथ अब गांगेपुर परसिया पर खतरा मंडरा रहा है। कटान से किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन घाघरा में बह गई। जिसमें तीर्थराज, दुखहरण, भगवती यादव, सुखदेव, संदीप, राजेश यादव, सुंदर, राजदेव, चंद्रबली, लगन, दूधनाथ, भजन राम, गुड्डू, वीरेंद्र, हरिराम, जोगेंद्र राम, राघव, मुन्ना, श्यामसुंदर, रणधीर, गुलशन, सुरेंद्र, हरखूब, सुंदर, मुन्ना, रामनाथ आदि की जमीन घाघरा में कट चुकी है। बाढ़ पूर्व पानी से घिरे गांवों में ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन की गोली दी जाती है। पर ऐसा अब तक नहीं हुआ। चक्की हाजीपुर गांव के पारस, विनोद जयराम आदि का कहना है कि गांव में अभी कोई सुविधा नहीं है। गांव के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
तहसील क्षेत्र में अभी तक एक भी गांव बाढ़ से प्रभावित नहीं हैं। नाव, केरोसिन तेल, राशन, दवा, रैन बसेरा आदि की व्यवस्था दुरुस्त है। जरूरत पड़ने पर नाव का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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गौरव कुमार, एसडीएम सगड़ी।
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