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डिघिया पर खतरा बिंदु से 42 सेमी नीचे बह रही घाघरा

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देवाराखास राजा गांव में नाव से आते-जाते लोग। - फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। पिछले दो दिनों से घाघरा का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। डिघिया नाला गेज पर खतरा बिंदु से घाघरा 42 सेमी तो वहीं बदरहुंआ नाला गेज पर 18 सेमी नीचे बह रही है। घाघरा का एक बार फिर रौद्र रूप देखकर किसानों की धड़कने बढ़ने लगी है। कृषि योग्य भूमि भी घाघरा में विलीन हो रही है। जिससे किसान परेशान हैं। वहीं पानी लगने से गांव के लोगों को आनेजाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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घाघरा नदी का जलस्तर घटने से जहां तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी वहीं शनिवार से एक बार फिर घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जल स्तर बढ़ने के साथ ही कटान शुरू हो गई है। रविवार को नदी के जलस्तर में 24 घंटे में बदरहुंआ और डिघिया पर सात सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी खतरे के निशान से डिघिया नाले पर 42 सेमी और बदरहुंआ पर 18 सेमी नीचे बह रही है। अभी गांवों में बाढ़ के पानी घुसने लायक स्थिति नहीं बनी है। उधर, घाघरा नदी ने गांगेपुर बगहवा में नदी कटान का दायरा बढ़ाते हुए धान व गन्ने की फसल की कटान तेज कर दिया है। अचल नगर में भी खेतिहर इलाकों को तेजी से काट रही है। साहडीह, सोनौरा, अजगरा, मगर्वी, आराजी अजगरा जाने वाले रास्ते पर अभी भी पानी है। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। शनिवार की शाम डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर 70.75 मीटर दर्ज किया गया था जो रविवार को सात सेमी बढ़कर 70.82 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। शनिवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.43 मीटर दर्ज किया गया था जो रविवार को 71.50 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। घाघरा नदी दो दिन से धीरे-धीरे बढ़ रही है इससे नदी के तटवर्ती गांव के लोगों की धड़कन बढ़ना शुरू हो गई।
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