मुराली का पुरावा में कटान करती घाघरा।
डिघिया नाले पर सोमवार को घाघरा नदी खतरे के निशान को पार कर गई। सुबह आठ बजे डिघिया नाले पर जलस्तर 70.46 सेमी था, जबकि खतरा बिंदु 70.40 सेमी है। वहीं, बदरहुआ नाले पर भी पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचने को तैयार है। पानी का स्तर और बढ़ता तो आसपास के गांवों की स्थिति खतरनाक हो सकती है। वहीं नदी का जलस्तर प्रति घंटे एक सेमी की दर से बढ़ने से ग्रामीणों की सांसे अटकी हैं। जिले में तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से सगड़ी क्षेत्र में बहने वाली घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। डिघिया नाले पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरा के निशान से ऊपर चला गया है। इससे ग्रामीणों की सांसे अटकी पड़ी हैं। डिघिया नाले पर खतरे का निशान 70.46 सेमी है। घाघरा नदी का जलस्तर सोमवार की सुबह आठ बजे 70.44 दर्ज किया गया।
उधर, बदरहुआ नाले पर खतरा बिंदु 71.36 सेमी है। यहां पर सुबह जलस्तर खतरा बिंदु से मात्र 36 सेंटीमीटर नीचे था। नदी का जल स्तर यदि 25 सेमी तक और बढ़ा तो घाघरा नदी के किनारे बसे गांव चक्की देवारा खास राजा, मुराली का पुरवा, अभनपट्टी, मानिकपुर, बांका, बुढऩपट्टी, सोनौरा आदि में बाढ़ आने की संभावना बढ़ जाएगी।
बाढ़ आने की संभावना से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। ग्रामीण समान समेट कर पलायन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक नाव आदि की भी कोई व्यवस्था न किए जाने से लोगों में रोष है।उधर, घाघरा का जलस्तर लगातार बढऩे से मानिकपुर, सोनौरा, बांका, बूढऩपट्टी, मानिकपुर, शाहडीह और चक्की गांव में आवागमन बाधित होने की संभावना है। क्योंकि पानी महुआ-गढ़वल संपर्क मार्ग की ओर बढञने लगा है।