घाघरा का जलस्तर एक बार फिर से डिघिया गेज पर खतरा बिंदु के ऊपर पहुंच गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। वहीं नदी द्वारा तेजी से की जा रही कटान के कारण कृषि योग्य भूमि घाघरा की धारा में विलीन हो रही है।
मंगलवार की शाम चार बजे बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.24 मीटर और डिघिया गेज पर 70.34 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को बढ़कर बदरहुंआ गेज पर 71.46 मीटर और डिघिया गेज पर 70.56 मीटर पर पहुंच गय। बदरहुंआ गेज पर नदी खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 12 सेमी नीचे और डिघिया गेज पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 16 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान में भी तेजी आ गई है। देवारावासियों की दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। चक्की हाजीपुर गांव एकबार फिर बाढ़ के पानी से घिरने की कगार पर है।
सोनौरा से खरैलिया ढ़ाला, मानिकपुर, अभ्भनपट्टी, हाजीपुर से देवारा खास राजा संपर्क मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बाधित है। सरकारी नावें हटा दिए जाने से लोग प्राइवेट नाव का सहारा ले रहे हैं। किसानों की धान, बाजरा, मक्का, ज्वार और सब्जी की फसल बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो रही है। स्कूली बच्चों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी गायब हैं।