अनुबंधित बसों में लगाए गए वीएलटीडी (वाहन स्थान ट्रैकिंग उपकरण) और पैनिक बटन की निष्क्रियता को लेकर विभाग सख्त हो गया है। भारत सरकार की नई नीति के तहत यात्री वाहनों में इन उपकरणों का फिटमेंट अनिवार्य किया गया है, लेकिन कई बसों में ई-सिम सब्सक्रिप्शन समाप्त होने के कारण ट्रैकिंग सिस्टम बंद हो गया है।
एआरएम अजय कुमार सिंह ने बताया कि निजी अनुबंधित बसों में वाहन स्वामियों की ओर से वीएलटीडी और पैनिक बटन लगवाकर ई-सिम सब्सक्रिप्शन वार्षिक आधार पर सक्रिय कराया गया था। अब कई वाहनों में यह प्लान समाप्त हो जाने से ई-सिम डिएक्टिव हो चुके हैं, जिससे रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग संभव नहीं हो पा रही है।
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र की सभी अनुबंधित बसों की वीएलटीडी स्थिति की नियमित समीक्षा करें। जिन बसों में यह उपकरण निष्क्रिय मिले, उनके स्वामियों को तत्काल इसे सक्रिय कराने के निर्देश दिए जाएं।
क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि अधिकतम 15 दिनों के भीतर सभी वाहनों की ट्रैकिंग व्यवस्था सक्रिय कराई जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी जिन वाहनों में वीएलटीडी निष्क्रिय पाए जाएंगे, उनके स्वामियों का किसी प्रकार का भुगतान बिना मुख्यालय की अनुमति के नहीं किया जाएगा। विभाग ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। संवाद