फर्जी अग्निवीर भर्ती कराने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठने के आरोप में नामजद दो आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
अतरौलिया थाने में तेजापुर निवासी मनोज यादव और ध्यानीपुर निवासी पिंटू यादव उर्फ कृष्णा के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज-विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी संगठित गिरोह बनाकर फर्जी अग्निवीर भर्ती और नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। गिरोह के सदस्य ऑनलाइन माध्यम से अभ्यर्थियों से रुपये लेते और इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराते थे। रुपये वापस मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
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दो मुकदमों में सामने आए थे साक्ष्य
पुलिस के मुताबिक 25 मार्च 2026 को मिली शिकायत के आधार पर अतरौलिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें पिंटू यादव, मनोज यादव समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात पुलिस ने गैंग चार्ट में दर्ज की है। इसी दिन एक अन्य शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें फर्जी अग्निवीर भर्ती कराने के नाम पर रुपये लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस के अनुसार दोनों मामलों की विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजे जा चुके हैं।
-वर्जन
गैंग चार्ट को जिलाधिकारी आजमगढ़ ने 10 सितंबर को अनुमोदित किया था। इसके बाद 13 सितंबर को दोपहर 12:15 बजे अतरौलिया थाने में मनोज यादव और पिंटू यादव उर्फ कृष्णा के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विश्राम गुप्ता को सौंपी गई है। -देवेन्द्र नाथ दुबे, थाना प्रभारी अतरौलिया