ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह ऐसे लोगों की तलाश करता था जिनकी शादी नहीं हो पा रही होती थी। महिला सदस्य को दुल्हन बनाकर उसका फोटो दिखाया जाता और शादी तय की जाती थी। मंदिर में शादी के दौरान अन्य सदस्य दुल्हन के पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर लड़के पक्ष का विश्वास जीतते थे। शादी के बाद नकदी, जेवर और कपड़े लेने के बाद लड़के पक्ष को विवाद या फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वहां से भगा देते थे। बाद में सामान को आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक इस घटना में एक महिला दुल्हन बनी थी। बजरंगी बिंद और बहादुर उर्फ राजू ने दुल्हन के भाई तथा राजन विश्वकर्मा ने पिता की भूमिका निभाई थी। रामबिलाश और जय किशन उर्फ अजीत रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल हुए थे।
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गिरफ्तार आरोपियों में बजरंगी बिंद निवासी मलहज थाना शाहगंज, राजन विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर थाना सरायख्वाजा, बहादुर उर्फ राजू निवासी जमालपुर थाना सरायख्वाजा, रामबिलाश निवासी मलहज थाना शाहगंज, जय किशन उर्फ अजीत निवासी पांडेय उर्फ पुरुषोत्तम थाना लाइन बाजार तथा जौनपुर निवासी दो महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19,650 रुपये, एक जोड़ी पायल, मंगलसूत्र, कान के झुमके, नाक की कील, सिन्दूर की डिब्बी, दो साड़ी, पैंट-शर्ट का कपड़ा और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
आरोपियों पर दर्ज है कई प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार बजरंगी बिंद के खिलाफ जौनपुर, देवरिया और आजमगढ़ में ठगी, धोखाधड़ी व गैंगस्टर एक्ट समेत पांच तथा जय किशन उर्फ अजीत के खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज हैं। मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।