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पिता-पुत्र और भांजे की मौत पर कोहराम

Tue, 22 Nov 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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पिता-पुत्र और भांजे की मौत पर कोहराम
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कानपुर के पुखरायां के पास हुए रेल हादसे में जिले के तीन और लोगों की मौत हो गई है। इस दुर्घटना में रानी की सराय के सिरसाल निवासी रामनवल यादव, उनके पुत्र शैलेष और भांजा सुनील की मौत हुई है। रामनवल के भतीजे अजय की सोमवार को बारात जानी थी जबकि शैलेष का गौना 23 नवंबर को होना था। तीनों की मौत के बाद मांगलिक खुशियां मातम में बदल गई हैं। गांव में मातम छाया हुआ है। इससे पहले हादसे में जिले के तीन लोगों की मौत हुई थी। हादसे में जिले के अबतक छह लोगों की जान जा चुकी है।  
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रानी की सराय संवाददाता के मुताबिक थाना क्षेत्र के सिरसाल गांव निवासी रामनवल यादव (50) चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। वह इंदौर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते थे। रामनवल के साथ ही उनके दोनों बेटे शैलेष (24), पंकज (20) और पत्नी शकुंतला रहती थी। शैलेष का 23 नवंबर को गौना और रामनवल के भाई शंकर यादव के बेटे अजय की 21 नवंबर को शादी तय है।

कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए शकुंतला और पंकज पहले ही घर आ चुके थे जबकि रामनवल और शैलेष इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर घर आ रहे थे। रामनवल के साथ पुत्री की बेटी (नातिन) सेजल (8) और सिधारी थाना क्षेत्र के हलुवाडीह गांव निवासी भांजा सुनील यादव (30) पुत्र जीयूत भी इंदौर से घर आ रहे थे। इनकी योजना थी कि 21 नवंबर को भाई के बेटे की शादी में शामिल होंगे और दो दिन बाद 23 नवंबर को शैलेष का गौना लाएंगे। इसके बाद सभी पुन: नई बहू के साथ इंदौर लौट आएंगे लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। परिवार के लोग जहां शादी और गौना की तैयारियों में व्यस्त रहे।
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वहीं, रविवार को ट्रेन हादसे की जानकारी होने पर लोग मोबाइल पर संपर्क करने लगे। काफी प्रयास के बाद भी संपर्क न होने पर नात, रिश्तेदार इनकी तलाश करने कानपुर पहुंचे। वहां देर रात को जानकारी हुई कि रामनवल, शैलेष और सुनील की मौत हो गई। जबकि सेजल का इलाज चल रहा है। एक परिवार के दो सदस्यों समेत तीन की एक साथ मौत हो जाने से क्षेत्र का माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोग सुबह से ही शव का आने का इंतजार कर रे थे। दोपहर को इनकी लाश घर पहुंची तो दरवाजे पर क्षेत्र के लोग उमड़ पड़े। बाद में नम आंखों से इन्हें अंतिम विदाई दी गई। हलुवाडीह निवासी सुनील यादव तीन भाई और दो बहनों में तीसरे नंबर पर था। वह एक बेटे का पिता था। उसकी मौत के बाद पत्नी सुमन देवी सहित परिवार के सदस्यों की स्थिति खराब है।

 कानपुर ट्रेन हादसे में निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरीदाबाद गांव निवासी साधना यादव के पति शैलेष की मौत से ससुराल में मातम छा गया। साधना का गौना 23 नवंबर को होना था। घर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं थी। साधना के पैरों के महावर भी नहीं छूटे थे कि उसकी मांग उजड़ गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छाया है।

रानी की सराय थाना क्षेत्र के सिरसाल गांव निवासी शैलेष यादव की शादी 30 अप्रैल 2015 को फरीदाबाद गांव निवासी साधना यादव पुत्री लालबचन के साथ हुई थी। 23 नवंबर को साधना का गंवना जाना था। परिवार के लोग गौना की तैयारियों में लगे थे। इसी बीच रविवार को कानपुर में हुए ट्रेन हादसे में शैलेष और उसके पिता की मौत होने की सूचना मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। पति की मौत के बाद बगैर महावर छूटे ही साधना की मांग उजड़ गई।
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