आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा गांव निवासी शादाब आलम सुहेल अहमद ने लखनऊ में जमीन खरीद के नाम पर 32 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। शादाब ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके दूर के रिश्तेदार साजिद इश्तियाक अहमद, लखनऊ के एहसान अहमद और साजिद हसन ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराई और उनके साथ धोखाधड़ी की। एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करवाते हुए मामले की जांच क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष को सौंपी है।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा निवासी शादाब आलम वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। उन्होंने बताया कि जब वे अपने गांव आए तो साजिद इश्तियाक अहमद ने लखनऊ में जमीन खरीदने का प्रस्ताव रखा। साजिद ने जमीन दिखाई और एहसान अहमद, साजिद हसन से मिलवाया। तीनों ने मिलकर 1,800 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट के हिसाब से 32 लाख रुपये में जमीन का सौदा तय किया। शादाब ने डेढ़ साल में 26.50 लाख रुपये नकद और 5.50 लाख रुपये आरटीजीएस व एनएफटी के माध्यम से दिए। जब रजिस्ट्री की बारी आई तो आरोपियों ने दावा किया कि जमीन रंजीत कुमार के नाम है। लखनऊ में रजिस्ट्री के दौरान एक फर्जी व्यक्ति को रंजीत कुमार के रूप में पेश किया गया। शादाब ने इसका विरोध किया, लेकिन आरोपियों ने दबाव बनाकर 14 अगस्त 2023 को उपनिबंधक सदर पंचम, लखनऊ में रजिस्ट्री करा दी। बाद में पता चला कि रंजीत कुमार फर्जी था और असली रंजीत ने कोई रजिस्ट्री नहीं की थी।
निजामाबाद थाना प्रभारी हीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
चेक बाउंस होने पर पूछा तो मिली धमकी
शादाब ने जब अपना पैसा वापस मांगा तो साजिद हसन ने 6 लाख रुपये का चेक दिया, जो गलत हस्ताक्षर के कारण बाउंस हो गया। शादाब ने इसकी सूचना दी, लेकिन आरोपियों ने लखनऊ बुलाकर गाली-गलौज, अभद्रता और जान से मारने की धमकी दी।