केस एक: अतरकच्छा में एक फोटो पर पांच जॉब कार्ड बने
विकास खंड अजमतगढ़ में बिना काम भुगतान कराने के बाद फर्जी जॉब कार्ड भी मिले हैं। अतरकच्छा ग्राम पंचायत में रितेश चौहान, हाफिज सउद, मिथिलेश, रामकवल, विवेक चौहान के जॉब कार्ड पर एक ही फोटो लगी है, जबकि सभी की उम्र में काफी अंतर दिखाया गया है। सभी के बैंक खाते में 13800-13800 रुपये का भुगतान किया गया है। कुमारी रंजू चौहान के नाम से बने जॉब कार्ड पर विवाहित महिला की फोटो चस्पा है।
केस दो: फोटो में अंतर फिर भी कर दिया 10150 रुपये का भुगतान
विकास खंड हरैया की ग्राम पंचायतों में भी जॉब कार्ड बनाने में खेल उजागर हुआ है। ग्राम पंचायत देवारा खास राजा में महेंद्र के नाम से जॉब कार्ड बना है। इसमें महेंद्र की उम्र 30 वर्ष दर्शाई गई है। इसमें एक वृद्ध की फोटो लगी है। ग्राम पंचायत की तरफ से इस जॉब कार्ड के खाते में 10150 रुपये का भुगतान भी किया गया है। शकुंतला की उम्र 35 वर्ष, फूलमती की 40 वर्ष दर्शाई गई है, लेकिन कार्ड में वृद्ध महिलाओं की फोटो लगी है।
केस तीन: जहानागंज के कुंजी में बिना फोटो लगाए ही जारी हो गए जॉबकार्ड
विकास खंड जहानागंज की ग्राम पंचायत कुंजी में बिना फोटो के जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। किसी गिरधारी के नाम से जॉब कार्ड जारी किया गया है। इस जॉब कार्ड के बैंक खाते में 15900 रुपये का भुगतान किया गया है। राजकुमार नाम से जारी जॉब कार्ड में उम्र 45 वर्ष दर्शाई गई है, पर फोटो वृद्ध की लगी है।
केस चार: फोटो गलत होने के साथ उम्र में भी काफी अंतर
विकास खंड सठियांव की ग्राम पंचायत गजहड़ा में संजय यादव के नाम से जॉब कार्ड जारी किया गया है। जॉब कार्ड में उम्र 31 वर्ष दिखाई गई है, जबकि फोटो किसी और व्यक्ति की है। फोटो गलत होने के साथ उम्र में भी काफी अंतर है।
वीबीजी-रामजी को लेकर मंडल के तीनों जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक-एक मामले की जांच कर रिपोर्ट दें। जॉब कार्ड जारी करने में अगर किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -रामबाबू त्रिपाठी, संयुक्त आयुक्त विकास